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अबू धाबी, 15 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हुए हमलों की निंदा की और कहा कि खाड़ी देश ने जिस तरह से संयम रखते हुए मौजूदा स्थिति को संभाला है वह प्रशंसनीय है।
अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद के साथ अपनी मुलाकात के दौरान, मोदी ने उन्हें यह आश्वासन भी दिया कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और भविष्य में भी ऐसा ही करता रहेगा।
पश्चिम एशिया में अस्थिर स्थिति का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा से ही मुद्दों को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत शांति और स्थिरता की बहाली के लिए जल्द से जल्द हर संभव सहयोग देने को तैयार है।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पारगमन मार्ग और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के पक्ष में भारत की स्पष्ट स्थिति को भी व्यक्त किया, जो कि स्थायी क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के साथ-साथ ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को स्वतंत्र, खुला और सुरक्षित रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना आवश्यक है।
गत 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था।
मोदी और मोहम्मद बिन जायद के बीच विस्तृत चर्चा हुईं और इस दौरान प्रधानमंत्री ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और खाड़ी देश के नेतृत्व और लोगों के साथ भारत की एकजुटता को दोहराया।
मोदी ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, ‘‘हम यूएई में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। यूएई को जिस तरह से निशाना बनाया गया है, वह किसी भी रूप में अस्वीकार्य है।’’
प्रधानमंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति से कहा, ‘‘इन कठिन परिस्थितियों में आपके द्वारा प्रदर्शित संयम और साहस बहुत प्रशंसनीय है।’’
मोदी ने ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में भारतीय समुदाय की अपने परिवार के सदस्यों की तरह ध्यान रखने के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया।
भाषा
देवेंद्र माधव
माधव