लंदन के महापौर पद के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाला भारतीय मूल का व्यापारी धोखाधड़ी का दोषी
लंदन के महापौर पद के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाला भारतीय मूल का व्यापारी धोखाधड़ी का दोषी
(अदिति खन्ना)
लंदन, 19 फरवरी (भाषा) लंदन के महापौर पद के लिए चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले और दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड के एसेक्स में एक संपत्ति किराया कंपनी के भारतीय मूल के मालिक को ब्रिटेन की दिवाला सेवा द्वारा की गई जांच के बाद धोखाधड़ी के आरोप में सजा सुनाई गई है।
घनश्याम सरूप बत्रा (जिन्हें श्याम बत्रा के नाम से भी जाना जाता है) ने 2024 के लंदन के महापौर चुनावों में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की अपनी मंशा की घोषणा की थी, लेकिन अंततः उन्हें नामांकित नहीं किया गया।
मंगलवार को 63 वर्षीय व्यक्ति को अपनी कंपनी के बैंक खाते से अपने निजी खाते में 1,00,000 पाउंड से अधिक की राशि अंतरित करने के आरोप में 12 महीने की जेल की सजा सुनाई गई, जिसे 18 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया।
दिवाला सेवा के मुख्य जांचकर्ता क्रिस वुड ने कहा, ‘घनश्याम सरूप बत्रा को कंपनी के बैंक खाते को खाली करते समय बिल्कुल पता था कि वह क्या कर रहे हैं।’
बत्रा लंदन स्थित चार ‘अपार्टमेंट होटल’ का प्रबंधन करने वाली कंपनी ‘डायलन लेटिंग्स वर्ल्डवाइड लिमिटेड’ के निदेशक थे। 2017 में कंपनी और उसकी संपत्तियों को अदालत द्वारा नियुक्त आधिकारिक रिसीवर को औपचारिक रूप से हस्तांतरित किए जाने के बाद उन्होंने चार दिनों की अवधि में कंपनी के खाते से सारी धनराशि निकाल ली।
भाषा
शुभम वैभव
वैभव

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