Islamabad Peace Talks: दूसरी बार में भी नहीं बनी बात! इस्लामाबाद शांति वार्ता फिर बेनतीजा, पाकिस्तान से वापस लौटे ईरानी विदेश मंत्री

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दूसरी बार में भी नहीं बनी बात! इस्लामाबाद शांति वार्ता फिर बेनतीजा, Islamabad peace talks again inconclusive

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 09:16 PM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 12:22 AM IST

इस्लामाबादः Islamabad Peace Talks: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को उभरी बातचीत की उम्मीदों को झटका लगा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपनी उच्चस्तरीय टीम के साथ पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे थे, जहां पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला था। हालांकि, अमेरिकी प्रतिनिधित्व के अभाव में ईरानी डेलिगेशन बिना किसी त्रिपक्षीय संवाद के वापस लौट गया।

Islamabad Peace Talks: सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से एक विशेष दूत के इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लौटने के बाद इस पर अनिश्चितता बन गई है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई है। इस दौरान अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार तथा सेना प्रमुख सैयद आसिम मुनीर भी मौजूद रहे। बैठक में क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शहबाज शरीफ ने इसे “सकारात्मक और रचनात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और मौजूदा हालात पर खुलकर बातचीत हुई।

वहीं, ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के साथ सीधे बातचीत करने को तैयार नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कोई प्रत्यक्ष वार्ता नहीं होगी। उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई को “थोपा हुआ हमलावर युद्ध” करार दिया और कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से ही संदेशों का आदान-प्रदान जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान दौरे के बाद अब्बास अराघची मस्कट (ओमान) और मॉस्को (रूस) का दौरा करेंगे। इससे संकेत मिलता है कि ईरान एक साथ कई कूटनीतिक चैनलों के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल, पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत की जो उम्मीद जगी थी, वह अस्थायी रूप से ठहरती नजर आ रही है, जबकि क्षेत्रीय तनाव बरकरार है।

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