यरुशलम, पांच जून (एपी) हजारों की संख्या में इजराइलियों ने बुधवार को यरुशलम के पुराने शहर में घनी आबादी वाले फलस्तीनी इलाके से वार्षिक मार्च निकाला। इनमें से अधिकतर उग्र राष्ट्रवादी थे और उनमें से कुछ ‘अरब मुर्दाबाद’ के नारे लगा रहे थे।
यरुशलम, इजराइल-फलस्तीन संघर्ष का केन्द्र रहा है लेकिन इजरायल-हमास युद्ध के दौरान अधिकांश समय शांत रहा है। हालांकि, इस मार्च से व्यापक तौर पर तनाव पैदा हो सकता है, जैसा कि तीन साल पहले हुआ था। तीन साल पहले यरुशलम में तनाव के बाद गाजा में युद्ध छिड़ गया था जो 11 दिन तक चला।
पूर्वी यरुशलम में फलस्तीनियों के लिए केंद्रीय सभा स्थल के तौर पर इस्तेमाल होने वाले दमिश्क गेट के बाहर एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने अरब विरोधी और इस्लाम विरोधी नारे लगाए, नृत्य किया और जुलूस के आरंभ होने पर इजराइली झंडे लहराए।
मार्च शुरू होने से ठीक पहले, भीड़ की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई और प्रदर्शनकारियों ने ‘प्रेस’लिखी जैकेट पहने एक पत्रकार पर प्लास्टिक की बोतलें फेंकी।
यह वार्षिक मार्च ‘यरुशलम दिवस’ के उपलक्ष्य में निकाला जाता है। यह 1967 के पश्चिम एशिया युद्ध में इजराइल द्वारा पूर्वी यरुशलम पर कब्जा करने की घटना की याद में मनाया जाता है। इजराइल ने 1967 में पुराना शहर और यहूदियों, ईसाइयों और मुसलमानों के लिए पवित्र स्थल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था।
इजराइल पूरे यरुशलम को अपनी राजधानी मानता है, लेकिन पूर्वी यरुशलम पर उसके कब्जे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है। फलस्तीनी पूर्वी यरुशलम को अपने भावी देश की राजधानी बनाना चाहते हैं और इस मार्च को उकसावे की कार्रवाई मानते हैं।
एपी धीरज नरेश
नरेश