Lockdown Latest News: क्या भारत में भी लगेगा लॉकडाउन? तेल संकट के बीच दुनिया के इन देशों में लगाए कड़े प्रतिबंध, यहां जानें क्या है Energy Lockdown?

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क्या भारत में भी लगेगा लॉकडाउन? तेल संकट के बीच दुनिया के इन देशों में लगाए कड़े प्रतिबंध, Lockdown Latest News: Energy lockdown in many countries of world

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 09:27 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 09:28 PM IST

नई दिल्ली। Lockdown Latest News पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने अब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका को गहरा कर दिया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बिगड़ते हालात और ईरान, अमेरिका व इज़राइल के बीच टकराव का सीधा असर तेल सप्लाई पर पड़ रहा है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो कई देशों को ऊर्जा बचाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं। हालांकि इसे औपचारिक रूप से “लॉकडाउन” नहीं कहा जा रहा, लेकिन हालात ऐसे बन रहे हैं जिन्हें आम तौर पर ‘एनर्जी लॉकडाउन’ की स्थिति माना जा रहा है। एनर्जी लॉकडाउन कोई आधिकारिक शब्द नहीं है, लेकिन हालात को समझाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

ऊर्जा बचाने के लिए कई देशों ने रोजमर्रा की गतिविधियों में बदलाव शुरू कर दिया है। पाकिस्तान, थाईलैंड, वियतनाम और फिलीपींस जैसे देशों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकारी दफ्तरों में काम के दिन घटाए जा रहे हैं, एयर कंडीशनर के उपयोग पर सीमा तय की गई है और स्कूल-कॉलेजों को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट किया जा रहा है। मकसद ईंधन की खपत कम करना है। ऊर्जा संकट का असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी साफ दिख रहा है। खाड़ी क्षेत्र में हवाई मार्ग प्रभावित होने से उड़ानों में कटौती हुई है। कुछ देशों में निजी वाहनों के इस्तेमाल पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने भी सुझाव दिया है कि वाहन चालकों को गति कम रखनी चाहिए और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाना चाहिए।

ये है भारत में स्थिति और तैयारी

Lockdown Latest News भारत में फिलहाल बिजली आपूर्ति सामान्य है, लेकिन पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर दबाव महसूस किया जा रहा है। एलपीजी सप्लाई पर असर की आशंका के बीच वितरण प्रणाली में बदलाव पर विचार हो रहा है। आईटी सेक्टर की कुछ कंपनियां, जैसे HCLTech और Cognizant, फिर से हाइब्रिड या वर्क फ्रॉम होम मॉडल की ओर लौट रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने महंगाई की चिंता भी बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि यह समय देश के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। उन्होंने राज्यों से समन्वय बनाकर काम करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों और क्रू की मौजूदगी चिंता का विषय है और इससे व्यापारिक आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

संकेत साफ, सतर्कता जरूरी

भारत में फिलहाल किसी तरह के लॉकडाउन जैसे कदम नहीं उठाए गए हैं, लेकिन हालात यह संकेत दे रहे हैं कि ऊर्जा की बचत आने वाले समय में बड़ी जरूरत बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संकट लंबा खिंचा, तो आम लोगों की दिनचर्या में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में अभी से सतर्कता और समझदारी ही सबसे बड़ा उपाय है।

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