मिसरी की अमेरिका यात्रा संपन्न, भारत-अमेरिका परमाणु ऊर्जा और एलपीजी निर्यात में सहयोग को बढ़ाएंगे

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मिसरी की अमेरिका यात्रा संपन्न, भारत-अमेरिका परमाणु ऊर्जा और एलपीजी निर्यात में सहयोग को बढ़ाएंगे

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  • Publish Date - April 11, 2026 / 03:38 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 03:38 PM IST

(तस्वीर के साथ)

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 11 अप्रैल (भाषा) भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के साथ अपनी बैठक में परमाणु ऊर्जा और कोयला गैसीकरण (ठोस कोयले को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए गैस में बदलना) व एलपीजी निर्यात जैसे नए क्षेत्रों में ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि मिसरी और राइट के बीच हुई चर्चा का मुख्य विषय ‘‘ऊर्जा सुरक्षा को आगे बढ़ाना, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करना और भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशना’’ था।

बैठक में मौजूद भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका, असैन्य परमाणु सहयोग के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘शुक्रवार को ऊर्जा मंत्री राइट और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग के भविष्य पर चर्चा करना अच्छा रहा। भारत द्वारा शांति विधेयक पारित किए जाने के बाद हम असैन्य परमाणु क्षेत्र के साथ-साथ कोयला गैसीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए तैयार हैं।’’

‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी एक्ट’ (शांति अधिनियम) को भारत के असैन्य परमाणु क्षेत्र में सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है।

यह कानून गत दिसंबर से लागू हुआ, जिसने इस क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया है। इसके साथ ही 1962 का परमाणु ऊर्जा अधिनियम और 2010 का परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम निरस्त कर दिए गए।

शुक्रवार देर रात गोर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो स्थित रिसॉर्ट में मिसरी की मेजबानी की।

गोर ने कहा, ‘‘आज रात मार-ए-लागो में विक्रम मिसरी की मेजबानी करना सुखद रहा। व्यापार और रक्षा से लेकर ऊर्जा तक, भारत और अमेरिका आने वाले महीनों और वर्षों में मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।’’

मिसरी मंगलवार देर रात तीन दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रक्षा, वाणिज्य और विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।

मिसरी ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी मुलाकात की।

इस दौरान भारतीय वायुसेना के प्रमुख ए पी सिंह भी अमेरिका यात्रा पर थे और वह बुधवार को कोलोराडो स्प्रिंग्स स्थित पीटरसन स्पेस फोर्स बेस गए।

भारतीय वायुसेना ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उन्होंने ग्रेगरी एम गिलोट (अमेरिकी उत्तरी कमान के कमांडर) के साथ अभियान संबंधी जटिल पहलुओं पर सार्थक विचार-विमर्श किया, जो बढ़ती साझेदारी की मजबूती को दर्शाता है।’’

अलग-अलग बैठकों में गोर ने अमेरिकी उप रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग और सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के साथ भी चर्चा की।

गोर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है तथा इससे दोनों देश अधिक सुरक्षित और मजबूत बन रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘उप रक्षा मंत्री फाइनबर्ग के साथ हमने संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की, जिसमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अमेरिकी रक्षा उपकरणों की बिक्री और आपसी सामंजस्य को मजबूत करना शामिल है।’’

अमेरिकी दूत ने कहा कि उन्होंने जनवरी में नयी दिल्ली यात्रा के बाद से अमेरिका-भारत संबंधों की गति पर सैन्य सचिव डैन ड्रिस्कॉल के साथ चर्चा की।

गोर ने कहा, ‘‘मेरे मित्र और सैन्य सचिव डैन ड्रिस्कॉल से मिलना हमेशा सुखद रहता है। उनकी जनवरी की भारत यात्रा के बाद अमेरिका-भारत संबंधों में आई गति पर हमने चर्चा की। अमेरिकी सेना और भारतीय सेना रक्षा संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।’’

उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्रालय में वैश्विक सार्वजनिक मामलों के सहायक मंत्री डिलन जॉनसन और विदेश विभाग के सलाहकार माइकल नीडहम से भी मुलाकात की।

गोर ने कहा, ‘‘वाशिंगटन डीसी की यात्रा को अपने मित्रों डिलन जॉनसन और माइकल नीडहम से मिले बिना समाप्त नहीं कर सकता था। दोनों अमेरिका को अधिक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी जल्द ही भारत यात्रा की प्रतीक्षा है।’’

भाषा गोला नेत्रपाल

नेत्रपाल