Mojtaba Khamenei Iran New Leader || Image- War Monitor File
दुबई: ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को सोमवार को देश का अगला शासक नामित किया गया। देश की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने उनका चुनाव किया है। मुजतबा (56) के देश के अर्धसैनिक बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड से करीबी संबंध हैं। (Mojtaba Khamenei Iran New Leader) रिवॉल्यूशनरी गार्ड युद्ध की शुरुआत के दौरान 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई (86) की मौत के बाद से इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है।
मुजतबा को उनके पिता से भी ज्यादा कट्टर विचारों वाला माना जा रहा है। वह युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। उन्हें उनके पिता की मौत से भी पहले से उनका उत्तराधिकारी माना जा रहा था। अयातुल्ला पर हुए हमले में ही मुजतबा की पत्नी जेहरा हद्दाद आदेल की भी मौत हो गई थी। ईरान के राजनीतिक जानकारों ने वंशानुगत तरीके से मुजतबा को सर्वोच्च नेता चुने जाने की आलोचना की है।
इजराइल पहले ही कह चुका है कि मुजतबा उनके निशाने पर हैं जबकि ट्रंप ने उन्हें ‘‘अस्वीकार्य’’ बताया है। ट्रंप ने कहा, ‘‘हम ऐसा व्यक्ति चाहते हैं जो ईरान में सामंजस्य और शांति कायम करे।” रिवॉल्यूशनरी गार्ड और ईरान समर्थित लेबनानी उग्रवादी समूह हिजबुल्ला ने मुजतबा के समर्थन में बयान जारी किए। (Mojtaba Khamenei Iran New Leader) ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने तेहरान में हवाई हमलों के बावजूद सभा आयोजित करने के लिए ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के ‘‘साहस’’ की सराहना की।
अब मुजतबा ईरान के सशस्त्र बलों और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए स्वतंत्र होंगे। वैसे तो, ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकाने जून में 12 दिन चले इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका द्वारा की गई बमबारी में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, लेकिन देश अब भी काफी मात्रा में यूरेनियम रखता है, जो हथियार बनाने के स्तर से बस एक तकनीकी कदम दूर है। मुजतबा खामेनेई वह कर सकते हैं जो उनके पिता कभी नहीं कर पाए, बम बनाने की दिशा में आगे बढ़ना।
इस बीच, सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को आगाह किया कि अगर वह अरब देशों पर हमले करता रहा तो उसे अब तक का ‘‘सबसे बड़ा नुकसान’’ उठाना पड़ेगा। सऊदी अरब का यह बयान उस नए ड्रोन हमले के बाद आया, जिसमें जाहिर तौर पर उसके बड़े शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाया गया। रियाद ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन द्वारा दिए गए बयान को भी खारिज किया कि ईरान ने खाड़ी अरब देशों पर हमले रोक दिए हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी पक्ष ने इस बयान पर अमल नहीं किया और अपना आक्रमण जारी रखा, जो वर्तमान और भविष्य में संबंधों पर गंभीर असर डाल सकता है।