नेपाली पर्वतारोहियों ने दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह कर रचा इतिहास

नेपाली पर्वतारोहियों ने दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह कर रचा इतिहास

नेपाली पर्वतारोहियों ने दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह कर रचा इतिहास
Modified Date: November 29, 2022 / 08:08 pm IST
Published Date: January 17, 2021 5:13 pm IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 17 जनवरी (भाषा) पाकिस्तान ने सर्दियों के मौसम में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी ‘के 2’ को फतह कर इतिहास रचने वाले 10 नेपाली पर्वतारोहियों की एक टीम को रविवार को बधाई दी।

यह पर्वत चोटी दुनिया की सबसे खतरनाक है और इसके शिखर पर पहुंचना बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। यह पर्वत चोटी हिमालय पवर्तमाला की काराकोरम श्रृंखला के गिलगित-बाल्टिस्तान की ओर स्थित है। यह 8,000 मीटर से अधिक ऊंची एकमात्र पर्वत चोटी है, जिस पर सर्दियों के मौसम में अब तक नहीं पहुंचा जा सका था।

नेपाली पर्वतारोहियों की टीम ने शनिवार को ‘के2’ को फतह कर इतिहास रचा।

इसकी ऊंचाई 8,611 मीटर (28,251 फुट) है। दुनिया की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट के बाद ‘के 2’ दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है।

विभिन्न टीमों से संबद्ध पर्वतारोहियों के बीच सहयोगी कोशिशों के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि हासिल की जा सकी।

टीम में शामिल निर्मल पुरजा ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘‘असंभव संभव हो गया–मानवता के लिए इतिहास रचा गया, नेपाल के लिए इतिहास रचा गया।’’

विदेश कार्यालय प्रवक्ता जाहिद हाफिज चौधरी ने पर्वत चोटी से पर्वतारोहियों की सुरक्षति वापसी की कामना की।

इस पर्वत चोटी को फतह करने की कोशिश में अब तक 86 पर्वतारोही जान गंवा चुके हैं।

इस पर्वत चोटी पर सर्दियों में ‘के 2’ पर 200 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलती हैं और तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है।

भाषा सुभाष नरेश

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