(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, तीन मई (भाषा) नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने रविवार को संवैधानिक परिषद से संबंधित अध्यादेश को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया, जिसे यदि मंजूरी मिल जाती है तो सरकार के लिए संवैधानिक निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने 27 अप्रैल को मंत्रिमंडल के निर्णय के माध्यम से संवैधानिक परिषद (परिषद के कार्यों, कर्तव्यों, शक्तियों और प्रक्रियाओं से संबंधित) प्रथम संशोधन अध्यादेश 2026 की सिफारिश की थी।
राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान के अनुसार, पौडेल ने अध्यादेश को वापस भेजने का निर्णय लिया क्योंकि उन्हें लगा कि इसकी सामग्री पर सरकार द्वारा और समीक्षा एवं पुनर्विचार की आवश्यकता है।
इस अध्यादेश की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है।
यदि राष्ट्रपति इसे मंजूरी दे देते हैं, तो सरकार के लिए मुख्य न्यायाधीश जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा, जो अभी रिक्त हैं।
नेपाली कांग्रेस ने कहा है कि संसद सत्र को स्थगित करके अध्यादेश लाने के सरकार के कदम की ओर उसका ध्यान आकर्षित हुआ है।
पिछले सप्ताह, मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति को 30 अप्रैल को संघीय संसद का सत्र बुलाने की सिफारिश की थी। हालांकि, बाद में सरकार ने सत्र को स्थगित करने की सिफारिश की।
भाषा राजकुमार शफीक
शफीक