इस्लामाबाद, 27 फरवरी (एपी) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि ‘‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है’’ और अब अफगानिस्तान के खिलाफ ‘‘खुली जंग’’ जारी है।
इस्लामाबाद ने दावा किया था कि अफगानिस्तान की ओर से सीमा पार हमला किया गया है जिसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से हमले शुरू हो गए। इसके उपरांत आसिफ का यह बयान आया है।
रक्षा मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘पाकिस्तान को आशा थी कि नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति कायम होगी और तालिबान अफगानिस्तान की जनता की भलाई तथा क्षेत्र में स्थिरता पर ध्यान देगा…।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा धैर्य अब जवाब दे चुका है। अब हमारे बीच खुली जंग की स्थिति है।’’
आसिफ की टिप्पणियों पर अफगानिस्तान सरकार के अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पाकिस्तानी अधिकारियों और अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, दक्षिण में कंधार और दक्षिण-पूर्व में पक्तिया प्रांत में हवाई हमले किए।
पाकिस्तान का कहना है कि ये हमले अफगानिस्तान द्वारा किए गए सीमा पार हमलों के जवाब में थे।
पड़ोसी देशों के बीच तेज हुए हमलों से कतर की मध्यस्थता में हुआ संघर्षविराम कमजोर पड़ता दिख रहा है।
दोनों देशों की सरकारों ने हताहतों की संख्या के बारे में एक-दूसरे से बिल्कुल विपरित दावे किए हैं और कहा है कि उन्होंने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने रात में बताया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें कुछ के शव अफगानिस्तान लाए गए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि “कई अन्य सैनिकों को पकड़ लिया गया।”
उसने कहा कि उसके आठ सैनिक मारे गए हैं और 11 घायल हुए। अफगान मंत्रालय ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना की 19 चौकियों और दो सैन्य अड्डों को नुकसान पहुंचाया गया है।
उसने कहा कि यह संघर्ष बृहस्पतिवार को शुरू होने के करीब चार घंटे बाद, आधी रात के आसपास थम गया।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि दो पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और तीन घायल हो गए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ अली जैदी ने किसी पाकिस्तानी सैनिक के पकड़े जाने की बात से इनकार किया है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अफगानिस्तान के कम से कम 133 लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं और नौ लड़ाकों को पकड़ लिया गया।
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ये लोग कहां हताहत हुए हैं, लेकिन कहा कि काबुल, पक्तिया और कंधार में सैन्य अड्डों पर किए गए हमलों में उन्होंने काफी नुकसान पहुंचाया है।
इस्लामाबाद में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि सीमा की कुछ चौकियों पर अफगानिस्तान की सेना ने सफेद झंडे लहराए थे, जिसे आमतौर पर गोलीबारी रोकने के अनुरोध के रूप में देखा जाता है।
अधिकारियों ने अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर बताया कि पाकिस्तानी सैनिक अफगानिस्तान की तालिबान सरकार द्वारा “बिना उकसावे के की गई कार्रवाई” का उचित जवाब दे रहे हैं और उन्होंने सीमा पर तालिबान की कई महत्वपूर्ण चौकियां नष्ट कर दी हैं।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तालिबान सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह अफगानिस्तान के नागरिकों को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित कर रही है, जिनमें महिलाओं के अधिकार भी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विवरण या सबूत नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सीधे तौर पर और मित्र देशों के माध्यम से भी स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा, “आज जब पाकिस्तान को आक्रामकता से निशाना बनाने की कोशिश की गई, तो हमारी सशस्त्र सेनाएं निर्णायक जवाब दे रही हैं।”
पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी तोरखम सीमा से अपने देश लौटने का इंतजार कर रहे अफगान शरणार्थियों को संघर्ष शुरू होने के बाद सुरक्षित स्थानों पर वापस ले जाया गया है।
पाकिस्तान ने अक्टूबर 2023 में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को बेदखल करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया था। इसके बाद से लाखों लोग सीमा पार कर अफगानिस्तान लौट चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुसार, केवल पिछले वर्ष ही 29 लाख लोग अफगानिस्तान लौटे। इस वर्ष अब तक करीब 80 हजार लोग वापस जा चुके हैं।
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