Malaysia News: मलेशिया में 6,000 से ज्यादा बच्चे इन्फ्लूएंजा की चपेट में, स्कूलों पर लगे ताले!… फिर लौटी कोरोना जैसी सख्ती

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मलेशिया में इन्फ्लूएंजा संक्रमण ने बच्चों में तेजी से पैर पसार लिए हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 6,000 से अधिक छात्रों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। सबसे ज्यादा मामले सेलांगोर, कुआलालंपुर और पेनांग में दर्ज हुए हैं।

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  • Publish Date - October 14, 2025 / 10:31 AM IST,
    Updated On - October 14, 2025 / 10:48 AM IST

Image Source: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • 6,000+ छात्रों में इन्फ्लूएंजा संक्रमण, कई स्कूल अस्थायी रूप से बंद।
  • विशेषज्ञों की अपील है की बच्चों को फ्लू वैक्सीन जरूर लगवाएँ।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से निगरानी और जागरूकता अभियान जारी।

Malaysia News: Kuala Lumpur: मलेशिया में तेज़ी से बढ़ रहे इन्फ्लूएंजा संक्रमण ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खासकर वहां के बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार अब तक देशभर में 6,000 से अधिक छात्रों में इन्फ्लूएंजा की पुष्टि की गई है। बढ़ते संक्रमण को रोकने और बच्चों की सुरक्षा के लिए कई स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है खासकर उन क्षेत्रों में जो सबसे अधिक प्रभावित हैं। सरकार ने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और सावधानी से रहने कि अपील की है।

शिक्षा मंत्रालय के जनरल डायरेक्टर मोहम्मद आज़म अहमद ने सोमवार को बयान जारी कर कहा, ‘इन्फ्लूएंजा के फैलने का तरीका कोरोना वायरस से मिलता-जुलता है। हमारे पास संक्रामक बीमारियों से निपटने का अनुभव है और हम वही रणनीतियाँ अब भी अपना रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि स्कूलों को कोविड-19 के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों को फेस मास्क पहनने और भीड़भाड़ से बचने के लिए बोला गया है। हालांकि, सरकार ने अभी लॉकडाउन जैसे किसी भी कदम की संभावना से इनकार किया है।

देशभर में फैला संक्रमण

Malaysia: Kuala Lumpur: मोहम्मद आज़म अहमद ने प्रभावित स्कूलों की सटीक संख्या नहीं बताई, लेकिन ये स्वीकार किया कि संक्रमण पूरे देश में फैल चुका है। पिछले सप्ताह तक अधिकांश मामले स्कूलों और किंडरगार्टन से जुड़े थे। इनमें सेलांगोर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जबकि कुआलालंपुर, पुत्रजया, पेनांग, जोहोर और केदाह में भी कई मामले सामने आए हैं।

जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉक्टर शरीफा एजात वान पुतेह ने अभिभावकों से अपील की है कि वो बच्चों के लिए फ्लू का टीका जरूर लगवाएं। उन्होंने कहा कि इन्फ्लूएंजा वायरस समय के साथ बदलता रहता है इसलिए हर वर्ष टीकाकरण जरूरी है। फ्लू का टीका छह महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त माना गया है।

स्थिति नियंत्रण में – स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री जुल्केफ्ली अहमद ने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय मिलकर संक्रमण पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। मंत्री ने कहा कि, ‘मामलों में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए कुछ एहतियाती कदम उठाए गए हैं, लेकिन घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।’

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क्या इन्फ्लूएंजा कोविड-19 की तरह फैलता है?

दोनों वायरस खांसी, छींक और संपर्क के माध्यम से फैलते हैं। इसलिए मास्क पहनना और हाथ धोना जरूरी है।

क्या मलेशिया में लॉकडाउन की संभावना है?

सरकार ने फिलहाल लॉकडाउन से इनकार किया है और केवल सतर्कता और एहतियाती उपायों को लागू किया है।

क्या बच्चों के लिए फ्लू वैक्सीन जरूरी है?

विशेषज्ञों के अनुसार, छह महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए वार्षिक फ्लू टीका लगवाना संक्रमण से बचाव में सहायक है।