पाक एनजीओ ने लाजपत राय, अमृता प्रीतम अन्य महान लोगों को श्रद्धांजलि देने के फलक स्थापित किये

Ads

पाक एनजीओ ने लाजपत राय, अमृता प्रीतम अन्य महान लोगों को श्रद्धांजलि देने के फलक स्थापित किये

  •  
  • Publish Date - October 10, 2020 / 01:41 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:14 PM IST

(एम जुल्करनैन)

लाहौर, 10 अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान में एक गैर सरकारी संस्था ने स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय, चर्चित पंजाबी रचनाकार अमृता प्रीतम और महाराज गुलाम हुसैन खटक जैसे करीब 140 ‘असाधारण लोगों’ को श्रद्धांजलि देने के लिये शहर में उनसे संबद्ध रहे स्थानों पर फलक स्थापित करना शुरू किया है।

महान लोगों को याद करने एवं उन्हें श्रद्धांजलि देने पर काम कर रहे लाहौर संगत ने ऐसे व्यक्तियों के कुल 20 फलक स्थापित किये हैं। ये उन स्थानों पर लगाये गये हैं जहां ये लोग रहे थे और उन्होंने काम किया था। इसकी योजना ऐसे व्यक्तियों की 140 से अधिक फलक स्थापित करने की है।

पाकिस्तान की सांस्कृतिक राजधानी में ये फलक गोल बाग, धनी राम स्ट्रीट, अनारकली और दिल्ली म्यूजिमय होटल, अनारकली में स्थापित किये गये हैं।

‘पंजाब केसरी’ के रूप में प्रसिद्ध लाजपत राय ((1865-1928) ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक अहम भूमिका निभाई थी। प्रो. एन्ना मल्का ((1917- 1994) एक कलाकार थे और वह देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान में ललित कला के अग्रदूत थे।

अमृता प्रीतम (1919-2005), एक भारतीय उपन्यासकार थीं। उन्होंने पंजाबी और हिंदी में उपन्यास लिखे। वह प्रथम पंजाबी कवयित्री, उपन्यासकार ,कथाकार और पंजाबी भाषा की 20 वीं सदी की अग्रणी कवयित्री थी। उन्हें सीमा के दोनों ओर से समान रूप से प्यार था।

महराज गुलाम हुसैन खटक ((1905-2001) एक शास्त्रीय नर्तक और अध्यापक थे।

इससे पहले पुराने लाहौर में हफीज जालंधरी, गामा पहलवान, बड़े गुलाम अली,अब्दुल रहमान चुगतई, नूर जहां और मुहम्मद इकबाल के सम्मान में फलक स्थापित किये गये थे।

पाकस्तान के एक प्रतिष्ठित चित्रकार डॉ एजाज अनवर ने कहा, ‘‘हम क्षेत्र के उन कुछ शानदार लोगों के फलक स्थापित कर उन्हें याद करना चाहते हैं, ताकि सामान्य रूप से आम आदमी और खासतौर पर छात्र उनके बारे में पढ़ कर प्रेरणा ले सकें। ’’

भाषा सुभाष माधव

माधव

शीर्ष 5 समाचार