Pakistan Saudi Arab:
नई दिल्लीः Pakistan Saudi Arab: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाते हुए सऊदी अरब में अपने लड़ाकू विमान और करीब 13,000 सैनिक तैनात किए हैं। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है, जब इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता विफल हो गई है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के फाइटर जेट्स और सहायक विमान शनिवार को पूर्वी प्रांत स्थित किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर उतरे। यह तैनाती सितंबर 2025 में दोनों देशों के बीच हुए ‘म्युचुअल डिफेंस पैक्ट’ के तहत की गई पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
इस समझौते के अनुसार, पाकिस्तान और सऊदी अरब में से किसी एक पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह सैन्य तैनाती क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण संकेत देती है और विशेष रूप से ईरान को संदेश देने के रूप में देखी जा रही है। एक ओर पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहा था, वहीं दूसरी ओर उसने सऊदी अरब के साथ अपनी सामरिक प्रतिबद्धताओं को भी मजबूत किया है।
Pakistan Saudi Arab: सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान ने ईरान को पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे में पाकिस्तान की यह दोहरी भूमिका शांति दूत और रणनीतिक साझेदार क्षेत्रीय कूटनीति में उसकी स्थिति को और जटिल बनाती नजर आ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस कदम का असर पश्चिम एशिया के सामरिक समीकरणों पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।