पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते आतंकी हाफिज सईद के एक और संगठन तहरीक-ए-आजादी जम्मू और कश्मीर पर प्रतिबंध लगा दिया है। सईद के संगठन जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगने के बाद हाफिज समर्थकों ने ‘कश्मीर डे’ पर इसी साल पांच फरवरी को इस संगठन के गठन का एलान किया था।
2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद पिछले कई महीनों से अपने घर में नजरबंद है। मुंबई हमले में कई विदेशियों समेत 166 लोग मारे गए थे। हाफिज समर्थकों के अनुसार उन्होंने तहरीक-ए-आजादी संगठन कश्मीर की आजादी के आंदोलन में तेजी लाने के लिए बनाया है। इसे प्रतिबंधित जमात-उद-दावा और उसके सहयोगी संगठन सलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन का नया चेहरा माना जाता है।
ये दोनों संगठन संयुक्त राष्ट्र की निगरानी सूची में भी हैं जिन पर आतंकवादियों को पनाह देने का शक है। इन दोनों संगठनों को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है जिस पर अमेरिका ने काफी पहले प्रतिबंध लगा रखा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के चलते पाकिस्तान कागजों पर तो इन संगठनों पर प्रतिबंध लगा देता है लेकिन जमीन पर उनका वजूद खत्म नहीं होता।