(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 22 जनवरी (भाषा) पाकिस्तान में विपक्षी दलों की आलोचना के बावजूद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में गाजा के लिए गठित ‘शांति बोर्ड’ में शामिल होने के करार पर हस्ताक्षर कर दिये।
ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वार्षिक विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के इतर इस बोर्ड के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए समारोह की मेजबानी की। पाकिस्तान को ट्रंप से बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, जिसे उसने स्वीकार कर लिया है।
प्रधानमंत्री शहबाज ने दावोस में आयोजित कार्यक्रम में कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा,‘‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ शांति बोर्ड में शामिल होने के पाकिस्तान सरकार के फैसले को स्वीकार नहीं करती है।’’
पार्टी ने एक बयान में कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय महत्व के फैसले हमेशा पूरी पारदर्शिता और सभी प्रमुख राजनीतिक हितधारकों के साथ समावेशी परामर्श के साथ लिए जाने चाहिए।
मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन (एमडब्ल्यूएम) के प्रमुख और सीनेट में नेता प्रतिपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने ट्रंप के शांति बोर्ड में शामिल होने के सरकार के फैसले की निंदा करते हुए इसे ‘‘नैतिक रूप से गलत और अस्वीकार्य’’ करार दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत इस बोर्ड का अनावरण किया।
भाषा धीरज माधव
माधव