संसद पर ट्रंप समर्थकों के कब्जे के दौरान अफरा-तफरी,हिंसा का मंजर

संसद पर ट्रंप समर्थकों के कब्जे के दौरान अफरा-तफरी,हिंसा का मंजर

संसद पर ट्रंप समर्थकों के कब्जे के दौरान अफरा-तफरी,हिंसा का मंजर
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 pm IST
Published Date: January 7, 2021 11:07 am IST

वाशिंगटन, सात जनवरी (एपी) “वो कहां हैं?” कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद) के हॉल में घूमते एक ट्रंप समर्थक ने वहां मौजूद अन्य समर्थकों से जानना चाहा। हाथों में निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का झंडा लिये ये लोग हर दरवाजे को धक्का देते जा रहे थे।

‘वो’ – सांसद, स्टाफ के सदस्य और अन्य कर्मी- इस दौरान मेज के नीचे छिपे हुए थे, घुटनों के बल बैठे हुए खुद को छिपा रहे थे, प्रार्थना कर रहे थे और देश में वैचारिक विभाजन से उपजी तस्वीर और हिंसा को बेहद करीब से महसूस कर रहे थे।

अमेरिका ने अपने लंबे लोकतांत्रिक इतिहास में इन दृश्यों का सामना कभी नहीं किया था। लोगों ने बंदूक ले रखी थी। एक महिला पुलिस की गोली से मारी गई जबकि तीन अन्य लोग भी इस दौरान आपात चिकित्सा स्थितियों में मारे गए। कैपिटल बिल्डिंग से ट्रंप का झंडा लटक रहा था। इमारत की शोभा बढ़ाने वाला गरिमापूर्ण गोल गुंबद आंसूगैस के धुएं से भरा हुआ था। जगह-जगह टूटे कांच के टुकड़े बिखरे हुए थे।

ट्रंप समर्थकों की भीड़ ने सीनेट के पीठासीन अधिकारी के आसन पर कब्जा जमा लिया, सदन की स्पीकर के कार्यालय और सीनेट के मंच पर भी उत्पात मचाया। वहीं उनमें से एक ने चिल्लाकर कहा, “ट्रंप उस चुनाव में जीत गए।”

उन्होंने सदन के नेताओं का मजाक उड़ाया, निचले सदन प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी के दफ्तर में तस्वीरें खिंचवाईं और उनमें से एक ने तो उनकी मेज पर पैर भी रखा हुआ था। इतना ही नहीं कुछ ट्रंप समर्थक उस कुर्सी पर भी काबिज हो गए जहां महज कुछ समय पहले सदन की कार्यवाही के दौरान चुनाव के मतों के प्रमाणन की प्रक्रिया के दौरान उप राष्ट्रपति माइक पेंस बैठे थे। सत्यापन की प्रक्रिया मध्यरात्रि के बाद पूरी हुई।

यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता को अपने पास रखने के निरर्थक प्रयासों के हिसाब-किताब के दिन शुरू हुआ जब संसद ने नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की जीत के प्रमाणन की प्रक्रिया शुरू की।

ट्रंप ने इलिप्से में सुबह भीड़ से कहा था कि वह उनके साथ ‘कैपिटल’ जाएंगे, लेकिन वह नहीं गए। इसके बजाए उन्होंने भड़काऊ बयानबाजी के साथ उन्हें रवाना कर दिया।

उन्होंने कहा, “अगर आप जी-जान लगाकर नहीं लड़ेंगे तो आपके पास कोई देश नहीं बचने वाला। जो कमजोर हों वह पहले चले जाएं। यह ताकत का समय है।”

उनके वकील रूडी गुलियानी ने भीड़ से कहा, “आइए लड़ाई से सुनवाई करते हैं।”

पुलिस ने कहा कि उन्होंने दो पाइप बम बरामद किये हैं। एक डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के बाहर से और दूसरा एक कूलर के पास वाहन से।

इन सबके बावजूद, सांसदों को वहां से निकाले जाने के 90 मिनट बाद ट्रंप ने उपद्रवियों से कहा, “हम आपसे प्यार करते हैं। आप बहुत खास हैं।” इसके बाद उन्होंने उनसे घर जाने का अनुरोध किया।

इसके बाद धीरे-धीरे अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया।

सुरक्षाकर्मियों ने इस दौरान इमारत से कुछ लोगों को शांतिपूर्वक जाने दिया। उपद्रव के बाद करीब एक दर्जन लोगों को ही गिरफ्तार किया गया।

स्थानीय समायनुसार रात करीब सवा बजे न्यू हैंपशायर के डेमोक्रेट प्रतिनिधि क्रिस पापैस ने कहा कि कैपिटल पुलिस ने उनके दरवाजे पर दस्तक दी और कहा, “सबकुछ छोड़कर जितनी जल्दी हो सके बाहर निकलें। यह सांसे रोक देने वाला था कि कितनी जल्दी इन प्रदर्शनकारियों ने कानून प्रवर्तकों को घेर लिया।”

तड़के दो बजे रिपब्लिकन सेनेटर चुक ग्रासले और उप राष्ट्रपति माइक पेंस को सीनेट से निकाला गया।

सीनेट से सीधा प्रसारण कर रहे माइक्रोफोन के बंद होने से पहले जो आखिरी शब्द रिकॉर्ड हुए वो थे “प्रदर्शनकारी इमारत के अंदर आ गए हैं।”

एपी

प्रशांत माधव

माधव


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