हेग, 16 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को डच कंपनियों को भारत में डिजाइन, नवाचार और उत्पादन करने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि उनका देश अपार अवसर प्रदान करता है।
सीईओ गोलमेज कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत विशालता और स्थिरता का प्रतीक है तथा बुनियादी ढांचे, स्वच्छ ऊर्जा और संपर्क के मामले में दुनिया का कोई भी देश इसकी गति का मुकाबला नहीं कर सकता।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी वजह से भारत वैश्विक विकास में 17 प्रतिशत का योगदान दे रहा है।
मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने निरंतर सुधारों के माध्यम से भारत के आर्थिक डीएनए को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को नीतिगत पूर्वानुमान देने और उनके लिए अवसरों को बढ़ाने के वास्ते देश ने अंतरिक्ष, खनन और परमाणु ऊर्जा को उसके लिए खोल दिया है।
उन्होंने गोलमेज सम्मेलन में व्यापारिक नेताओं से कहा, “हम अनुपालन को लगातार कम कर रहे हैं और कारोबार सुगमता बढ़ा रहे हैं। हमने हाल में कराधान, श्रम संहिता और शासन में अगली पीढ़ी के सुधार किए हैं।”
मोदी ने कहा कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र बहुत ही लागत प्रभावी होता जा रहा है और सेवा क्षेत्र में यह अपनी प्रतिभा के बल पर दक्षता और नवाचार का इंजन बन गया है।
उन्होंने वहां मौजूद लोगों को बताया कि सभी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने भारत में अपने वैश्विक क्षमता केंद्र खोले हैं।
मोदी ने कहा, “हम आप सभी को भारत में डिजाइन और नवाचार करने के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके लिए आज से बेहतर समय कोई नहीं हो सकता।”
मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के बारे में भी बात की और कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक एवं जिम्मेदार शक्तियों के बीच यह समझौता साझा समृद्धि की मजबूत नींव बनेगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश भारत-नीदरलैंड की भरोसेमंद साझेदारी को रणनीतिक साझेदारी में बदलने जा रहे हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ नीदरलैंड के उनके समकक्ष रॉब जेटेन भी मौजूद थे।
भाषा प्रशांत राजकुमार
राजकुमार