गणतंत्र दिवस से पहले शंघाई में भारतीय समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

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गणतंत्र दिवस से पहले शंघाई में भारतीय समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 08:50 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 08:50 PM IST

बीजिंग, 25 जनवरी (भाषा) शंघाई में भारतीय महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने ‘हिस्टोरिकल सोसाइटी ऑफ चाइना’ के साथ मिलकर 77वें गणतंत्र दिवस से पहले, भारत के योगदान को प्रदर्शित करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया।

शंघाई शहर के तटीय क्षेत्र में 20वीं शताब्दी में निर्मित एक गुरुद्वारे की नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने यात्रा की थी।

कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों, स्थानीय समुदाय और राजनयिक एवं वाणिज्य दूतावास के सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें शंघाई स्थित ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोगी भी शामिल थे।

शंघाई वाणिज्य दूतावास ने रविवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि हिस्टोरिकल सोसाइटी ऑफ चाइना के प्रमुख इतिहासकार पैट्रिक क्रैनली और टीना कनागरात्नाम ने प्रतिभागियों को कई स्थलों के समृद्ध इतिहास और प्राचीन समुद्री संबंधों के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं में 1908 में निर्मित शंघाई गुरुद्वारे के बारे में भी जानकारी दी गई।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, शंघाई के सिख समुदाय ने स्वेच्छा से यह इमारत आज़ाद हिंद फौज को उपयोग के लिए दे दी थी।

पोस्ट के अनुसार, नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1944 में शहर में इस प्रशिक्षण शिविर का दौरा किया था।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश