ब्रिटेन में छात्र की हत्या के मामले में सिख व्यक्ति को दोषी ठहराया गया
ब्रिटेन में छात्र की हत्या के मामले में सिख व्यक्ति को दोषी ठहराया गया
लंदन, 28 मई (भाषा) दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड में 18 वर्षीय छात्र की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को 23 वर्षीय एक ब्रिटिश सिख युवक को दोषी ठहराया गया। आरोपी ने दावा किया था कि उसने धार्मिक कारणों से अपने पास रखी कृपाण का इस्तेमाल आत्मरक्षा में किया था।
विक्रम दिगवा को गत दिसंबर में साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय के छात्र हेनरी नोवाक की पोर्ट्सवुड में हुई हत्या का दोषी पाया गया।
दिगवा की 53 वर्षीय मां किरण कौर को ‘साउथेम्प्टन क्राउन कोर्ट’ ने अपराधी की सहायता करने के मामले में दोषी ठहराया।
न्यायाधीश विलियम मौसली ने मुकदमे को ‘‘विशेष रूप से कठिन मामला’’ बताया और संकेत दिया कि दिगवा को सोमवार को और उसकी मां को 17 जुलाई को सजा सुनाई जाएगी।
अभियोजक निकोलस लोबेनबर्ग ने जूरी से कहा, ‘‘यह सिख धर्म का मामला नहीं है। यह नस्लवाद का मामला नहीं है। यह हत्या का मामला है।’’
इस मामले ने सिख समुदाय के कृपाण रखने के अधिकार से संबंधित कानूनी मापदंडों को उजागर किया, जिसमें न्यायाधीश ने कहा कि ब्रिटेन के कानून के तहत इस तरह की धारदार वस्तु धार्मिक या आत्मरक्षा के कारणों से ही होनी चाहिए।
भाषा नेत्रपाल संतोष
संतोष

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