तालिबान को मान्यता हासिल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जरूरत : व्हाइट हाउस

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तालिबान को मान्यता हासिल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जरूरत : व्हाइट हाउस

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  • Publish Date - October 4, 2023 / 05:49 PM IST,
    Updated On - October 4, 2023 / 05:49 PM IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, चार अक्टूबर (भाषा) तालिबान द्वारा नियुक्त अफगानिस्तान के एक मंत्री की महिला और पुरुष के बराबर नहीं होने संबंधित टिप्पणी के दो दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मान्यता हासिल करने के लिए तालिबान को अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जरूरत है।

‘व्हाइट हाउस’ में ‘नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’ में रणनीतिक संचार के समन्वयक जॉन किर्बी ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने उन्हें (तालिबान) अफगानिस्तान में एक शासी शक्ति के रूप में मान्यता नहीं दी है। वे ऐसा चाहते हैं तो उन्हें अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की जरूरत है।’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मतलब है, आप प्रभावी ढंग से शासन कैसे कर सकते हैं, आप प्रभावी ढंग से एक लाभप्रद अर्थव्यवस्था कैसे बना सकते हैं? जब आपने सभी महिलाओं को इसका हिस्सा बनने से प्रतिबंधित कर दिया है? इसलिए, हम उन्हें उनकी प्रतिबद्धताओं के लिए जवाबदेह बनाए रखेंगे।’’

‘तोलो’ न्यूज की एक खबर के मुताबिक, तालिबान द्वारा एक अक्टूबर को नियुक्त किए गए अफगानिस्तान के कार्यवाहक शिक्षा मंत्री नेदा मोहम्मद नदीम ने कहा था कि शरिया के आधार पर ‘पुरुष और महिलाएं बराबर नहीं हैं’ और यह भी कहा था कि ‘महिलाओं के मुद्दों के समाधान के बहाने मौजूदा व्यवस्था को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।’

तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण कर लिया था और इसके तुरंत बाद, महिलाओं की शिक्षा तथा कुछ व्यवसायों को छोड़कर महिलाओं के काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। अमेरिका और भारत सहित कई देशों ने अब तक तालिबान के शासन को मान्यता नहीं दी है और काबुल में वास्तव में समावेशी सरकार के गठन की वकालत कर रहे हैं।

भाषा खारी प्रशांत

प्रशांत