नई दिल्लीः US-Israel Attacks Iran War: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध को अब 8 दिन हो चुके हैं। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। अब तक की जानकारी के मुताबिक इस युद्ध में हजारों मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों का इस्तेमाल हो चुका है। इस बीच अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ब्रिटेन मध्य पूर्व में अपने दो विमानवाहक युद्धपोत भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है, लेकिन अमेरिका को ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए उसकी मदद की जरूरत नहीं है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों सैन्य सहयोगियों के बीच तनाव की खबरें भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन ने शुरुआत में ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी सेना को अपने ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा ग्रीनलैंड और अफगानिस्तान युद्ध जैसे मुद्दों को लेकर पहले से ही अमेरिका और ब्रिटेन के संबंधों में खटास की बात कही जा रही है।
US-Israel Attacks Iran War: इजरायली वायु सेना ने एक नए हमले में 400 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर बम गिराए। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल लांचर, हथियार बनाने वाले ठिकाने और अन्य सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। सेना के मुताबिक ऑपरेशन ‘रोअरिंग लायन’ शुरू होने के बाद से अब तक करीब 190 हवाई मिशन चलाए जा चुके हैं। इन अभियानों के दौरान मिसाइल लांचर, वायु रक्षा प्रणाली और हथियार भंडारण केंद्रों सहित कई अहम सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं।
बहरीन ने आरोप लगाया है कि ईरान ने ड्रोन हमले के जरिए देश के एक जल डिसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरान ने अंधाधुंध तरीके से नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया और ड्रोन हमले के बाद जल संयंत्र को नुकसान पहुंचा।
लेबनान में इजराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 394 हो गई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक मृतकों में 83 बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 1130 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष के बीच लेबनान में हमले तेज हुए हैं।