ईरान से खतरे के कारण ट्रंप ने तुर्किये से ब्रिटेन जाते समय बदला था विमान : रिपोर्ट
ईरान से खतरे के कारण ट्रंप ने तुर्किये से ब्रिटेन जाते समय बदला था विमान : रिपोर्ट
वाशिंगटन, 11 अगस्त (भाषा) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन की यात्रा के दौरान गुप्त रूप से अपना विमान बदल लिया था। मीडिया में आई खबर में यह जानकारी दी गई।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ईरान से जुड़े एक विश्वसनीय खतरे की जानकारी दी थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया था।
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की खबर के अनुसार, ट्रंप अंकारा में टेलीविजन कैमरों के सामने एयर फोर्स वन विमान में सवार हुए, लेकिन कुछ ही मिनट बाद वह हवाई अड्डे पर भोजन और अन्य सामान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले एक कैटरिंग ट्रक के जरिये एक छोटे सैन्य विमान एयर फोर्स सी-32ए में सवार हो गए।
ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कतर की ओर से दिए गए बोइंग 747-8 विमान से अंकारा पहुंचे थे। इस विमान को पिछले महीने ही राष्ट्रपति के बेड़े में शामिल किया गया था। हालांकि, वापसी यात्रा के लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि वह ‘‘पुराने एयर फोर्स वन’’ विमान का इस्तेमाल करेंगे।
खबर के मुताबिक, पुराने एयर फोर्स वन विमान में सवार पत्रकारों को यह जानकारी नहीं दी गई कि ट्रंप उनके साथ तुर्किये से ब्रिटेन के सैन्य अड्डे तक यात्रा नहीं कर रहे हैं।
अमेरिकी ‘सीक्रेट सर्विस’ ने पुराने नीले और सफेद रंग वाले एयर फोर्स वन के उड़ान भरने से पहले पत्रकारों से विमान की खिड़कियां बंद रखने को कहा था।
यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए ऐसी रणनीति अपनाई गई हो। वर्ष 2000 में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत से पाकिस्तान की यात्रा के दौरान इस्लामाबाद में कुछ देर के ठहराव के लिए एयर फोर्स वन के बजाय बिना पहचान वाले गल्फस्ट्रीम विमान से गए थे। यह सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा था।
अखबार ने एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप को ईरान से जुड़े विश्वसनीय खतरे के कारण यह ‘‘भ्रम पैदा करने वाला अभियान’’ शुरू किया गया था। पिछले महीने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘सीबीएस न्यूज’ ने भी बताया था कि खुफिया अधिकारियों ने राष्ट्रपति या उनके विमान पर हमले के खतरे के बारे में जानकारी दी थी, जिसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए गए।
विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान की ओर से एयर फोर्स वन को कोई विश्वसनीय खतरा है, तो उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हर समय खतरा रहता है। मैं उनकी सूची में आपसे पहले नंबर पर हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अगर मैं जाता हूं तो आप भी जाएंगे।’’
ट्रंप के तुर्किये में ठहरने के दौरान अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में ईरान में कई हमले किए थे।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश

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