दुबई, 11 जून (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि अमेरिका ईरान पर ‘‘बहुत जोरदार हमला’’ करेगा और उसके तेल एवं गैस उद्योगों पर पूरी तरह कब्जा कर लेगा। क्षेत्र के देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों से पश्चिम एशिया एक बार फिर पूर्ण पैमाने के युद्ध की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में धमकी दी कि अमेरिका आज रात ईरान पर ‘‘बहुत जोरदार हमला’’ करेगा और ‘‘बहुत जल्द’’ ईरान के तेल और गैस उद्योगों—जिनमें भी शामिल है—पर ‘‘पूरी तरह से कब्ज़ा’’ कर लिया जाएगा।
ट्रंप ने ईरान के लिए अपनी योजनाओं की तुलना उस स्थिति से की, जब अमेरिका ने जनवरी में वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद वहां के तेल सेक्टर पर नियंत्रण कर लिया था।
यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान लगातार दूसरे दिन भी एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। ईरान में बृहस्पतिवार सुबह तक अमेरिकी हमले की तीव्रता और दायरा एक दिन पहले की तुलना में कहीं अधिक बड़ा दिखाई दिया।
ईरान ने नुकसान के बारे में बहुत कम जानकारी दी और कहा कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर जवाबी हमला किया जैसा कि उसने एक दिन पहले किया था।
खार्ग द्वीप कुवैत और सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों के ठीक सामने फारस की खाड़ी के दूसरे छोर पर स्थित है। इसे ईरान के तेल उद्योग की जीवनरेखा माना जाता है। देश के लगभग 90 प्रतिशत तेल निर्यात इसी द्वीप के जरिए होते हैं।
अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी को जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उसने ईरानी तेल ले जा रहे एक टैंकर पर मिसाइलें दागीं।
सबसे पहले ईरान और इजराइल के बीच हमले हुए, और उसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो बार गोलाबारी हुई, जिसमें इस इलाके के वे देश भी प्रभावित हुए जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।
ट्रंप द्वारा ईरान को बातचीत रोकने के लिए ‘‘कीमत चुकाने’’ की धमकी दिए जाने के बाद अमेरिका ने तेहरान पर नए सिरे से हवाई हमले किए।
ईरान ने यह भी कहा है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने इस दावे का खंडन किया। वहीं, ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने हालिया सप्ताहों में एक गुप्त अभियान चलाकर जहाजों को इस जलमार्ग से सुरक्षित निकालने का काम किया है।
कुवैत ने हमले के कारण कई घंटों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, हालांकि उसने किसी नुकसान के बारे में कोई विवरण नहीं दिया। जॉर्डन ने कहा कि उसने ईरान द्वारा दागी गई 20 मिसाइल को मार गिराया, जिनका निशाना वह क्षेत्र था जहां अमेरिकी सैनिकों वाला एक वायुसेना अड्डा स्थित है। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि ईरानी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई के दौरान गिरे मलबे से 11 वर्षीय एक लड़की घायल हो गई, जबकि कई कारों और मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
अमेरिकी हमलों के दौरान ईरान की राजधानी तेहरान, बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के दक्षिणी इलाकों में विस्फोटों की आवाज गूंजती रही।
इजराइल ने भी तड़के उत्तरी क्षेत्रों के निवासियों को संभावित हमले की आशंका के चलते सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी।
एपी आशीष माधव
माधव