उर्वरक सब्सिडी अनुमान का फिर से आकलन करेगी सरकार

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उर्वरक सब्सिडी अनुमान का फिर से आकलन करेगी सरकार

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  • Publish Date - June 11, 2026 / 08:02 PM IST,
    Updated On - June 11, 2026 / 08:02 PM IST

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में खाद का स्टॉक खरीफ सत्र की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही सरकार ने कहा कि वैश्विक बाजारों में यूरिया की कीमतों में नरमी को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के लिए सब्सिडी अनुमानों की फिर से समीक्षा की जा सकती है।

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी वार्ता में, केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस शर्मा ने कहा, ‘‘देश में खाद का स्टॉक संतोषजनक स्थिति में है। भारत की खाद सुरक्षा पहले की तरह मजबूत बनी हुई है।’’

जब उनसे पूछा गया कि क्या वैश्विक कीमतों में गिरावट के कारण 2026-27 के लिए 3.4 लाख करोड़ रुपये के खाद सब्सिडी अनुमानों में कमी की जाएगी, तो उन्होंने कहा कि शुरुआती सब्सिडी अनुमान इस धारणा पर आधारित था कि रुझान वैसा ही रहेगा।

शर्मा ने कहा, ‘‘लेकिन, सरकार की ओर से हमारी एक इकाई द्वारा हाल ही में जारी किए गए निविदा के परिणामस्वरूप निश्चित रूप से सब्सिडी के आंकड़ों की फिर से समीक्षा करने की आवश्यकता होगी, और हम उस पर फिर से विचार करेंगे।’’

खरीफ़ 2026 के लिए, कृषि विभाग ने उर्वरकों की जरूरत का फिर से आकलन किया है जो 383.9 लाख टन है और इसके मुकाबले स्टॉक 197.56 लाख टन का है।

अतिरिक्त सचिव ने कहा कि घरेलू उत्पादन गैस की उपलब्धता के हिसाब से चल रहा है।

उन्होंने कहा कि संकट के बाद यूरिया का घरेलू उत्पादन 71.41 लाख टन, डीएपी लगभग 10.04 लाख टन, एनपीके कॉम्प्लेक्स 22.96 लाख टन और एसएसपी लगभग 14 लाख टन रहा है। इस तरह, आयात और घरेलू उत्पादन के जरिये हमारे स्टॉक में लगभग 153.79 लाख टन उर्वरक शामिल किए गए हैं।

देश में यूरिया का उत्पादन वर्ष 2014-15 के 225 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 306.67 लाख टन हो गया है।

अभी, नीम-लेपित यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य 242 प्रति बैग (45किग्रा) है, जबकि डीएपी 1,350 रुपये प्रति बैग (50किग्रा) के भाव से बेचा जा रहा है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय