ट्रंप ने गाजा पर ‘शांति बोर्ड’ का अनावरण किया, पुननिर्माण और सैनिकों को भेजने का संकल्प
ट्रंप ने गाजा पर ‘शांति बोर्ड’ का अनावरण किया, पुननिर्माण और सैनिकों को भेजने का संकल्प
वाशिंगटन, 19 फरवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को गाजा के लिए प्रस्तावित ‘शांति बोर्ड’ का अनावरण किया। इस दौरान नौ सदस्य देशों ने गाजा राहत पैकेज के लिए सात अरब अमेरिकी डॉलर देने पर सहमति जताई जबकि पांच देशों ने युद्धग्रस्त फलस्तीनी क्षेत्र में तैनात किए जाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय बल में भाग लेने के लिए सैनिकों को भेजने पर रजामंदी जताई।
इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया ने ‘गाजा स्थिरीकरण बल’ के लिए सैनिक भेजने का वादा किया है, जबकि मिस्र और जॉर्डन ने इन प्रयासों के लिए पुलिस को प्रशिक्षित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
योजना के तहत सबसे पहले सैनिकों को राफा में तैनात किया जाएगा, जो एक प्रमुख केंद्र है। अमेरिकी प्रशासन को उम्मीद है कि वह सबसे पहले पुनर्निर्माण प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
इस बीच, ट्रंप ने कहा कि कजाकिस्तान, अजरबैजान, संयुक्त अरब अमीरात, मोरक्को, बहरीन, कतर, सऊदी अरब, उज्बेकिस्तान और कुवैत ऐसे देश हैं जिन्होंने संकल्प लिया है।
ट्रंप ने अंशदान करने वाले देशों को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘‘खर्च किया गया हर डॉलर स्थिरता और एक नए एवं सौहार्दपूर्ण क्षेत्र की आशा में निवेश है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ शांति बोर्ड दिखा रहा है कि कैसे एक बेहतर भविष्य का निर्माण यहीं इस कमरे में किया जा सकता है।’’
ट्रंप ने कहा कि दान की गई धनराशि महत्वपूर्ण तो है, लेकिन यह दो वर्षों के युद्ध के बाद तबाह हुए फलस्तीनी क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए अनुमानित 70 अरब अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता का एक छोटा सा हिस्सा है।
ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका शांति बोर्ड के लिए 10 अरब अमेरिकी डॉलर देने का संकल्प ले रहा है। उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि इस पैसे का उपयोग किस लिए किया जाएगा।
नवगठित अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल के प्रमुख मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स ने कहा कि योजना के तहत गाजा में 12,000 पुलिसकर्मियों और 20,000 सैनिकों की तैनाती की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘इन शुरुआती कदमों के साथ, हम गाजा को भविष्य में समृद्धि और स्थायी शांति के लिए आवश्यक सुरक्षा प्रदान करने में मदद कर रहे हैं।’’
गाजा में संघर्ष को समाप्त करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्री शांति योजना के तहत इस बोर्ड का अनावरण किया गया है। लेकिन अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बाद से, बोर्ड के प्रति ट्रंप का दृष्टिकोण बदल गया है और वे इसे और भी व्यापक बनाना चाहते हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि बोर्ड का दायरा न केवल इजराइल और हमास के बीच स्थायी शांति स्थापित करने के कठिन कार्य तक होगा बल्कि विश्व भर के संघर्षों को सुलझाने में भी मददगार होगा।
एपी धीरज वैभव
वैभव

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