नयी दिल्ली, छह जुलाई (भाषा) महिंद्रा समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने कहा है कि कृत्रिम मेधा (एआई) दुनिया को आकार देने वाला एक बड़ा बदलाव है और इसे सीमित स्तर पर प्रयोग का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रभावी ढंग से अपनाने का समय है।
शाह ने महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि एआई का प्रभाव उद्योगों, निर्णय प्रक्रिया और काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है।
उन्होंने कहा, “हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। हमें साहस और स्पष्ट इरादे के साथ आगे बढ़ना होगा। यह सीमित प्रयोग का समय नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सार्थक तरीके से एआई को अपनाने का समय है।”
शाह ने कहा कि महिंद्रा समूह अपने कामकाज, सोच और ग्राहकों को सेवाएं देने के तरीके में एआई को शामिल कर रहा है। इसके लिए निरंतर सीखने और पारंपरिक कामकाज के तरीकों को चुनौती देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “जो कंपनियां जल्दी और निर्णायक रूप से आगे बढ़ेंगी, वही नेतृत्व करेंगी। हम उन कंपनियों में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
शाह ने वैश्विक अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऊर्जा और बुनियादी ढांचे की बाधाएं, जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा लॉजिस्टिक एवं विदेशी मुद्रा लागत में वृद्धि से लागत संरचना प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि एल्युमीनियम जैसे धातुओं सहित महत्वपूर्ण कच्चे माल की उपलब्धता असमान बनी हुई है, वहीं साझेदार पारिस्थितिकी तंत्र में श्रमबल की कमी से आपूर्ति शृंखलाओं पर भी दबाव है।
शाह ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद समूह अपनी रफ्तार धीमी करने के बजाय अधिक स्पष्टता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ेगा और वैश्विक नेतृत्व हासिल करने का लक्ष्य रखेगा।
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