US-Iran War Update: ईरान के साथ जंग के बीच ट्रंप को बड़ा झटका! इस सीनियर अफसर ने दिया इस्तीफा, कहा- झूठ बोल रहे ट्रंप, नहीं था कोई खतरा

ईरान के साथ जंग के बीच ट्रंप को बड़ा झटका! इस सीनियर अफसर ने दिया इस्तीफा, US-Iran War Update: US counter-terror chief resigns

US-Iran War Update: ईरान के साथ जंग के बीच ट्रंप को बड़ा झटका! इस सीनियर अफसर ने दिया इस्तीफा, कहा- झूठ बोल रहे ट्रंप, नहीं था कोई खतरा
Modified Date: March 17, 2026 / 10:23 pm IST
Published Date: March 17, 2026 10:20 pm IST

नई दिल्लीः US-Iran War Update: ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका में अंदरूनी असहमति खुलकर सामने आने लगी है। नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर (NCTC) के डायरेक्टर जोसेफ केंट ने युद्ध के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का पहला बड़ा अधिकारी माना जा रहा है, जिसने इस मुद्दे पर पद छोड़ा है। इसे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

US-Iran War Update: केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना इस्तीफा सार्वजनिक करते हुए लिखा कि वह अपने विवेक के आधार पर इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। उन्होंने दावा किया कि ईरान से अमेरिका को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था और यह युद्ध इजराइल तथा उसके प्रभावशाली लॉबी के दबाव में शुरू किया गया। उन्होंने अपने लेटर में लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप काफी सोचने के बाद मैंने आज अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैं ईरान के साथ चल रही इस जंग का समर्थन नहीं कर सकता। मेरा मानना है कि ईरान से अमेरिका को कोई तुरंत खतरा नहीं था। यह युद्ध इजराइल और उसके प्रभावशाली लोगों के दबाव में शुरू हुआ। मैं आपकी उस नीति का समर्थन करता हूं, जो आपने पहले चुनावों में बताई थी। पहले आप भी मानते थे कि मिडिल ईस्ट के युद्ध हमारे देश के लिए नुकसानदेह हैं। इनसे हमारे सैनिकों की जान जाती है और देश का पैसा भी बर्बाद होता है।

उन्होंने कहा कि आपने पहले कार्यकाल में बिना लंबी लड़ाई में फंसे सही तरीके से ताकत का इस्तेमाल किया था। आपने कासिम सुलेमानी को मारकर और ISIS को हराकर यह दिखाया था। लेकिन इस बार कुछ लोगों ने गलत जानकारी देकर माहौल बनाया कि ईरान से बड़ा खतरा है। आपको यह विश्वास दिलाया गया कि जल्दी हमला करने से जीत मिल जाएगी, लेकिन यह सच नहीं है। पहले भी इराक युद्ध में ऐसा ही हुआ था और हमें भारी नुकसान उठाना पड़ा था। मैं एक सैनिक रह चुका हूं और 11 बार युद्ध में गया हूं। मेरी पत्नी शैनन की मौत भी एक हमले में हुई थी। इसलिए मैं ऐसे युद्ध का समर्थन नहीं कर सकता, जिसमें हमारे लोगों की जान जाए और देश को कोई फायदा न हो। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप इस फैसले पर फिर से सोचें। अभी भी रास्ता बदलने का समय है। आगे क्या करना है, यह आपके हाथ में है। आपके साथ काम करना और देश की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है।

इन्हें भी पढ़ें :-


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।