बगदाद, एक अप्रैल (एपी) बगदाद में अपहरण किए गए एक अमेरिकी पत्रकार ने तीन सप्ताह पहले सीरिया से इराक में प्रवेश करने की कोशिश की थी और उसे शुरू में वापस भेज दिया गया था। एक इराकी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अमेरिका और इराक के अधिकारियों ने बताया कि शेली रेनी किटलसन को अपहरण से कुछ दिन पहले भी धमकियों की चेतावनी दी गई थी।
इराक और सीरिया में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में वर्षों से सेवाएं दे रहीं किटलसन को मंगलवार को इराकी राजधानी की एक सड़क से अगवा कर लिया गया था और वह अब भी लापता हैं।
प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के सलाहकार हुसैन अलावी ने कहा कि किटलसन ने नौ मार्च को सीरिया से अल-काइम सीमा मार्ग से प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें वापस भेज दिया गया क्योंकि उनके पास पत्रकारिता कार्य के लिए अनुमति (परमिट) नहीं थी। ‘‘ईरान युद्ध के बीच इराकी हवाई क्षेत्र पर हवाई मिसाइलों’’ के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताओं के चलते भी उन्हें प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी।
अलावी ने बताया कि बाद में उन्होंने इराक में प्रवेश करने के लिए 60 दिनों की वैधता वाला एकल-प्रवेश वीजा प्राप्त किया, जो पड़ोसी देशों में फंसे विदेशी नागरिकों को ‘‘उपलब्ध परिवहन मार्गों के माध्यम से अपने गृह देशों तक पहुंचने के लिए इराक से पारगमन करने’’ की अनुमति देने के मकसद से जारी किया जाता है।
उन्होंने बताया कि किटलसन अपहरण से कुछ दिन पहले बगदाद में दाखिल हुई थीं और राजधानी के एक होटल में ठहरी हुई थीं।
अलावी ने कहा, “अल-सुदानी की देखरेख में इराकी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस घटना पर बारीकी से नजर रख रही हैं।” उन्होंने बताया कि अपहरण की साजिश में शामिल होने के संदेह में एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
इराकी सुरक्षा बलों ने पत्रकार के अपहरणकर्ताओं की कार का पीछा किया और वह कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई जबकि कार चलाने वाले एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अन्य अपहरणकर्ता पत्रकार को दूसरी कार में लेकर भागने में सफल रहे।
नाम न छापने की शर्त पर एक इराकी खुफिया अधिकारी ने बताया कि इराकी अधिकारियों का मानना है कि उसे बगदाद में बंदी बनाया गया है। वे उसे ढूंढने और रिहा कराने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने इस अपरहण के लिए ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया कताइब हिजबुल्ला को जिम्मेदार ठहराया।
इराकी खुफिया अधिकारी ने कहा कि किटलसन के अपहरण से पहले, इराकियों ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क करके उन्हें सूचित किया था कि ईरान से संबद्ध मिलिशिया द्वारा उसके अपहरण की विशेष धमकी दी गई थी।
एपी यासिर रंजन
रंजन
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