Raja Raghuvanshi Rebirth : हनीमून पर हुई थी हत्या, अब 1 साल बाद उसी घर में गूंजी किलकारी! क्या सच में लौट आया राजा रघुवंशी? इस वजह से परिवार मान रहा पुनर्जन्म

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Indore के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद परिवार में जन्मे नवजात बच्चे को परिजन उनका पुनर्जन्म मान रहे हैं। परिवार का दावा है कि जिस तिथि और लगभग उसी समय राजा की मृत्यु हुई थी, उसी तिथि पर बच्चे का जन्म हुआ।

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 08:49 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 08:52 PM IST

Raja Raghuvanshi Rebirth / Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • परिवार के अनुसार, राजा की मृत्यु और बच्चे के जन्म में केवल 2 मिनट का अंतर है।
  • पुजारी ने पहले ही परिवार में पुनर्जन्म की भविष्यवाणी की थी।
  • नवजात के आने से शोक में डूबे परिवार को मिली नई उम्मीद।

इंदौर : Raja Raghuvanshi Rebirth मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले कारोबारी राजा रघुवंशी की पिछले साल मेघालय में हनीमून के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया था। लेकिन अब, महीनों के मातम के बाद रघुवंशी परिवार में खुशियों ने दस्तक दी है। राजा के बड़े भाई सचिन के घर एक बेटे का जन्म हुआ है। परिवार का मानना है कि यह कोई साधारण जन्म नहीं है, बल्कि उनके छोटे भाई राजा का ‘पुनर्जन्म’ है, जो एक बार फिर अपने परिवार के बीच वापस लौट आया है।

Raja Raghuvanshi जिस तिथि में मृत्यु उसी तिथि में जन्म

परिवार के इस अटूट विश्वास के पीछे कुछ हैरान कर देने वाले संयोग हैं। राजा के भाई सचिन बताते हैं कि जिस एकादशी तिथि को दोपहर 2:40 बजे राजा की मृत्यु हुई थी, ठीक उसी तिथि को दोपहर 2:42 बजे इस बच्चे का जन्म हुआ। समय का यह मात्र 2 मिनट का अंतर और एक ही तिथि का होना परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसके अलावा, राजा की मृत्यु के बाद एक पुजारी ने भविष्यवाणी की थी कि राजा की अकाल मृत्यु हुई है, इसलिए वह बहुत जल्द अपने ही परिवार में दोबारा जन्म लेगा। राजा की मां भी बहुत भावुक हैं, उनका कहना है कि जब वे बच्चे को ‘राजा’ कहकर बुलाती हैं, तो वह उन्हें बहुत गौर से देखता है, जैसे वह उन्हें पहले से ही जानता हो।

परिवार को मिली खुशियां

कानूनी तौर पर राजा की हत्या का मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है और उनकी पत्नी सहित पांच आरोपी जेल में हैं। लेकिन इस नवजात के आने से पीड़ित परिवार को एक नई उम्मीद और जीने का सहारा मिला है। भले ही दुनिया इसे एक इत्तेफाक कहे, लेकिन राजा के माता-पिता के लिए यह ईश्वर का वह आशीर्वाद है जिसने उनके घर का सूनापन दूर कर दिया है।

 

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