वाराणसी (उप्र), एक अप्रैल (भाषा) वाराणसी की जिला अदालत ने गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार करने मामले में 14 आरोपियों की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार ने याचिका खारिज की।
त्रिपाठी ने बताया कि इससे पहले निचली अदालत ने भी आरोपियों की याचिका खारिज कर दी थी।
उन्होंने बताया कि अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि यह एक साधारण घटना नहीं है बल्कि सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव से जुड़ा मामला है।
त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने कहा कि गंगा नदी की धार्मिक मान्यता को ध्यान में रखते हुए यह एक गंभीर कृत्य है और चूंकि प्रथम दृष्ट्या सबूत आरोपियों के खिलाफ पाए गए हैं इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाती है।
पिछले महीने हुई इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग गंगा नदी में नाव पर रोजा इफ्तार करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि इफ्तार में मुर्गे की बिरयानी भी खाई गयई थी और हड्डियां गंगा में फेंक दी गई थीं।
इस मामले में 16 मार्च को 14 लोगों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और नदी को अपवित्र करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया गया था और अगले ही दिन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
भाषा सं. सलीम जोहेब
जोहेब