विश्व बैंक ने श्रीलंका को उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था का दर्जा दिया

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विश्व बैंक ने श्रीलंका को उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था का दर्जा दिया

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 11:14 AM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 11:14 AM IST

कोलंबो, दो जुलाई (भाषा) विश्व बैंक ने श्रीलंका को उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्था का दर्जा दिया है।

यह फैसला उस आर्थिक संकट के तीन साल बाद आया है, जिसने देश को आर्थिक पतन के कगार पर पहुंचा दिया था।

विश्व बैंक ने बुधवार को जारी अपनी नवीनतम आय वर्गीकरण रिपोर्ट में श्रीलंका को निम्न-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी से हटाकर उच्च-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में शामिल किया। यह बदलाव 2025 में अर्थव्यवस्था के पांच प्रतिशत विस्तार के बाद किया गया।

अर्थव्यवस्था में यह वृद्धि विभिन्न उद्योगों में व्यापक सुधार तथा पर्यटन और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ोतरी के कारण संभव हुई है।

विश्व बैंक ने श्रीलंका को ‘पुनरुद्धार की कहानी’ करार देते हुए कहा, ‘‘2022 में व्यापक आर्थिक संकट के कारण देश आर्थिक पतन के कगार पर पहुंच गया था। इसके केवल तीन साल बाद 2025 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसका प्रमुख कारण विभिन्न उद्योगों में सुधार और वित्तीय तथा पर्यटन सेवाओं में वृद्धि रही।’’

इसमें कहा गया, ‘‘यह पुनर्वर्गीकरण देश की आर्थिक मजबूती का संकेत है, हालांकि वह निर्धारित सीमा को मामूली अंतर से ही पार कर पाया है।’’

यह उपलब्धि हालिया वित्तीय संकट के बाद श्रीलंका की आर्थिक वापसी का प्रतीक मानी जा रही है।

विश्व बैंक देशों को चार आय वर्गों उच्च आय, उच्च-मध्यम आय, निम्न-मध्यम आय और निम्न आय में बांटता है।

यह वर्गीकरण पिछले कैलेंडर वर्ष के प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) के अनुमान के आधार पर किया जाता है। इस वर्ष के संस्करण में 218 देशों को शामिल किया गया है और इसके परिणाम जून 2027 के अंत तक वैश्विक संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किए जाएंगे।

श्रीलंका पहली बार 2019 में उच्च-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में पहुंचा था, लेकिन बाद में आर्थिक वृद्धि धीमी पड़ने और घरेलू एवं बाहरी दबावों के कारण आय स्तर में गिरावट आने से वह फिर निम्न-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में आ गया था।

भाषा निहारिका वैभव

वैभव