कोरोना से युद्ध के लिए छात्र ने तैयार किया डबल डेकर ट्रेन का मॉडल, मरीज और डॉक्टर की हर सुविधा का रखा ध्यान

कोरोना से युद्ध के लिए छात्र ने तैयार किया डबल डेकर ट्रेन का मॉडल, मरीज और डॉक्टर की हर सुविधा का रखा ध्यान

कोरोना से युद्ध के लिए छात्र ने तैयार किया डबल डेकर ट्रेन का मॉडल, मरीज और डॉक्टर की हर सुविधा का रखा ध्यान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:08 pm IST
Published Date: April 20, 2020 5:01 am IST

बिलासपुर। वैश्विक महामारी कोरोना से युद्ध में पूरा देश एकजुट है। हर कोई इस युद्ध में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर कोरोना से जंग लड़ रहा है। बिलासपुर में ऐसे ही एक युवा योद्धा 9वीं के छात्र अर्चित मोदी ने कोरोना से युद्ध के लिए रेलवे कोच के डबल डेकर ट्रेन का मॉडल तैयार किया है। छात्र अपनी ये डिज़ाइन भारतीय रेलवे को समर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने इसका नाम ‘मां की गोद’ रखा है, उनका कहना है मां की गोद में हर कोई सुरक्षित है।

ये भी पढ़ें: यूपी पुलिस ने ट्वीट कर छत्तीसगढ़ पुलिस से मांगी मदद, डीजीपी के निर्देश पर एम्बुलेंस से मेरठ भेजा गया शव

इसकी खासियत ये है कि इसमें कोरोना पीड़ित के मेडिकल सुविधा के साथ कोरोना फाइटर डॉक्टर्स के ड्यूटी के बाद रेस्ट करने की भी सुविधा दी जा सकती है। इस डबल डेकर ट्रेन के मॉडल को ‘माँ की गोद’ नाम दिया गया है। मॉडल तैयार करने वाले छात्र अर्चित ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने में डॉक्टर्स और हॉस्पिटल की बड़ी भूमिका है। ऐसे में उन्होंने उनकी सुविधा के लिए रेलवे कोच के डबल डेकर ट्रेन का मॉडल तैयार किया है।

ये भी पढ़ें: फुटबॉल टीम को किया गया क्वारंटाइन, कोरोना ड्यूटी से…

वहीं सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ इसमे नीचे की तरफ पेशेंट को पूरी मेडिकल सुविधा के साथ एडमिट कर सकते हैं। ऊपर के कोच में डॉक्टर्स जो कि इस कोरोना युद्ध में अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं वो शिफ्ट में आराम कर सकते हैं। उनकी सोच है, अगर डॉक्टर सुरक्षित हैं तो हम सुरक्षित हैं। यह एक कम बजट में और कम जगह के उपयोग के साथ ज्यादा सुविधा देने वाली रेलवे कोच बन सकती है।

ये भी पढ़ें:निगम कमिश्नर समेत कई कर्मचारी हुए होम आइसोलेट, रसोई…


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com