सीतापुर: उत्तर प्रदेश सीतापुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगा। दरअसल इलाके के गांव के युवक ने अयोध्या से ब्राह्मणों को बुलाकर अनुष्ठान करवाया और 9 लाख रुपए दान में दिए। यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन हद तब हो गई जब दान में दिए सभी नोट नकली निकले। अब पंडितों में नहीे बल्कि प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है कि इतने सारे नकली नोट आखिर आए कहां से? फिलहाल मामले में जांच कर रही है, वहीं, नकली नोट देने वाले अभी फरार हैं।
मामला रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के तेरवा मनकापुर गांव का है, जहां रहने वाले गीता पाठक पत्नी हुलासी पाठक ने अपने घर पर लक्ष्मी सुक्त अनुष्ठान के लिए अयोध्या से चालीस ब्राम्हणों को बुलाकर अनुष्ठान कराया था। बताया गया कि पंड़ितों ने गीता पाठक के घर में 11 दिन तक अनुष्ठान किया, 11 दिन पूरा होने के बाद ब्राम्हणों को दक्षिणा के रूप में नौ लाख दो हजार दिए गए। बताया गया कि गीता पाठक ने पंडितों को पैसे एक पॉलीथीन में रखकर दिया, लेकिन जब पॉलिथिन को खोला तो सभी दंग रह गए।
दरअसल सभी नोट नकली थी, लेकिन पूछने पर महिला ने हंगामा शुरू कर दिया और बाद में परिवार के सभी लोग मौके से फरार हो गए। इसके बाद पंडितों ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस को पंडितों को पूरी घटना की जानकारी दी। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि इतनी भारी मात्रा में नकली नोट कहां से आए। ब्राम्हणों के दल के प्रमुख दिलीप की तहरीर पर गीता पाठक आदि के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस रामपुर मथुरा थाने में दर्ज किया गया है।