पटना, 25 जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद से अलग रह रहे उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने रविवार को कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाये गये उनके छोटे भाई तेजस्वी दरबारियों के एक समूह के इशारों पर चलने वाली ‘कठपुतली’ होंगे।
राजद से निष्कासन के बाद अपना जनशक्ति जनता दल गठित करने वाले तेज प्रताप राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा लिये गये निर्णय के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे।
तेज प्रताप ने कहा, ‘‘अब जब पार्टी (राजद) ने उन्हें (तेजस्वी यादव को) जिम्मेदारी सौंपी है, तो उन्हें इसे अच्छी तरह निभाना चाहिए।’’
तेज प्रताप यादव जब राजद में थे तब वह खुद को भगवान कृष्ण और अपने छोटे भाई को अर्जुन बताते थे।
तेज प्रताप से उनकी बड़ी बहन रोहिणी आचार्य के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा गया। रोहिणी ने तेजस्वी को राजद का कार्यकारी अध्यक्ष बनाये जाने पर इस पोस्ट में कहा था कि यह राजद के संस्थापक अध्यक्ष (लालू प्रसाद) की ‘शानदार पारी का अंत’ है। वैसे उन्होंने अपने पिता का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्हें ‘सियासत के शिखर पुरुष’ कहा।
रोहिणी ने कहा, ‘‘शाहजादा को राज्याभिषेक की बधाई, जो चापलूसों और घुसपैठियों के गिरोह के हाथों की कठपुतली ही बनकर रह जाएगा।’’
रोहिणी हाल ही के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की हार के लिए तेजस्वी और उनके करीबी सहयोगियों– संजय यादव और रमीज को जिम्मेदार ठहराती रही हैं।
जब तेज प्रताप से रोहिणी के सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया,‘‘हां, वह जो कह रही हैं वह सही है। मैं राजद से संबंधित इस मामले पर और कुछ नहीं बोलूंगा क्योंकि मैं अब पार्टी में नहीं हूं।’’
तेज प्रताप राजद से अपने निष्कासन के बाद से इस बात पर अड़े हुए हैं कि वह अपने पिता की पार्टी में कभी वापस नहीं लौटेंगे। हाल में वह सत्ताधारी राजग के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधने लगे हैं।
हालांकि, गुस्सैल स्वभाव वाले इन नेता ने उस समय तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जब उनसे कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग द्वारा राजद के साथ गठबंधन तोड़ने की राय के बारे में पूछा गया।
उन्होंने तपाक से कहा, ‘‘कांग्रेस को यह अहसास करने में इतना वक्त क्यों लग गया? गठबंधन में चुनाव लड़ने के बाद हारने पर वे ये बातें कह रहे हैं। राहुल गांधी क्या कर रहे थे, मोटरसाइकिल चला रहे थे और चावल-चिकन का आनंद ले रहे थे?’’
वह राहुल गांधी द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर अधिकार यात्रा के दौरान निकाली गयी बाइक रैली का जिक्र कर रहे थे।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश