पटना, 11 मार्च (भाषा) हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बुधवार को संकेत दिया कि वह आगामी राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार का समर्थन कर सकती है।
बिहार विधानसभा में एआईएमआईएम के पांच विधायक हैं।
एआईएमआईएम विधायक और पार्टी की बिहार इकाई के अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि बातचीत “सकारात्मक माहौल” में हुई और उन्हें उम्मीद है कि इसका परिणाम महागठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में “सकारात्मक” होगा।
ईमान ने कहा, “मैं नेता प्रतिपक्ष (यादव) के निमंत्रण पर उनसे मिलने आया था। बातचीत सकारात्मक रही। हम पार्टी आलाकमान को जानकारी देने के बाद आगे के कदम तय करेंगे। उम्मीद है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजे भी सकारात्मक होंगे।”
बिहार में राज्यसभा की पांच सीट के लिए मतदान जरूरी हो गया है, क्योंकि राजद सांसद अमरेंद्र धारी सिंह भी मैदान में उतर गए हैं, जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सभी सीट जीतने की उम्मीदों को झटका लगा है।
राजग के उम्मीदवारों में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इनके अलावा जदयू के नेता और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के पूर्व विधायक शिवेश कुमार भी उम्मीदवार हैं।
विधानसभा में राजग के पास स्पष्ट बहुमत है, लेकिन उसका कुल आंकड़ा 202 है, जो सभी पांच सीट जीतने के लिए आवश्यक मतों से तीन कम है।
दूसरी ओर राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। महागठबंधन में कांग्रेस और वाम दल भी शामिल हैं। महागठबंधन को आवश्यक मतों तक पहुंचने के लिए एआईएमआईएम के पांचों विधायकों और बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक का समर्थन चाहिए, जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती करती हैं।
ईमान ने पहले महागठबंधन उम्मीदवार का समर्थन करने की संभावना से इनकार किया था और कहा था कि “हम राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, वे हमारा समर्थन करें।”
हालांकि अब अपने रुख में बदलाव का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, “हम दोनों (राजद और एआईएमआईएम) को झटके लगे हैं। इसलिए दोनों के लिए अपने रुख पर पुनर्विचार करना जरूरी है।”
पिछले साल नवंबर में विधानसभा चुनाव से पहले ईमान का महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव यादव ने ठुकरा दिया था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पुराने मतभेद भुलाकर महागठबंधन में शामिल होने को तैयार हैं, तो एआईएमआईएम नेता ने संक्षिप्त जवाब दिया, “ऐसा निर्णय होना चाहिए जो सभी के हित में हो।”
यह संकेत देते हुए कि लंबे समय से मुसलमानों की पहली पसंद रहे राजद और एआईएमआईएम के बीच संबंध सुधर रहे हैं, ईमान ने कहा, “मैंने 15 मार्च को आयोजित इफ्तार पार्टी में यादव को आमंत्रित किया है। उन्होंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।”
बिहार में राज्यसभा सीट के लिए मतदान 16 मार्च को होना है।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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