बिहार : सामान्य शिक्षकों की भर्ती के बाद होगी कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति
बिहार : सामान्य शिक्षकों की भर्ती के बाद होगी कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति
पटना, 24 फरवरी (भाषा) बिहार में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर लंबे समय से उठ रही मांग के बीच राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि सामान्य शिक्षकों की जारी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।
सहरसा से विधायक इंद्रजीत गुप्ता ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि कक्षा छह से 10वीं तक सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा लागू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों का अनुपात असंतुलित है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इस पर मंत्री ने स्वीकार किया कि पहले भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों में शिक्षकों की भारी कमी थी, जिसे प्राथमिकता के आधार पर भरा गया। उन्होंने कहा कि अब सरकार कंप्यूटर शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
मंत्री ने बताया कि जिलों में शिक्षक-छात्र अनुपात के आकलन के लिए जिले के अधिकारियों को अधिकार दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता के अनुसार पदों का सृजन किया जा सके।
बहस के दौरान भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ ने दावा किया कि राज्य में लगभग 26 हजार कंप्यूटर शिक्षकों की कमी है, जबकि अब तक केवल 460 पदों के लिए ही रिक्तियां निकाली गई हैं।
उन्होंने मांग की कि घोषित रिक्तियों के कम से कम आधे पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए।
मंत्री ने इस पर आश्वासन दिया कि सरकार इस विषय पर सकारात्मक विचार करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी।
इस दौरान विधानसभा में माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से लागू है और इसे शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई) में भी लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई कमी पाई जाती है या उच्च न्यायालय की ओर से कोई निर्देश दिया जाता है, तो सरकार आवश्यक कार्रवाई करेगी।
भाषा कैलाश मनीषा शफीक
शफीक

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