पटना, चार फरवरी (भाषा) पटना में एक नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध यौन उत्पीड़न के बाद मौत के लगभग एक महीने बाद बिहार पुलिस ने बुधवार को बालिका छात्रावासों एवं ‘लॉज’ के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए।
पुलिस ने बालिका छात्रावासों और ‘लॉज’ का पंजीकरण एवं कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया है तथा ऐसे परिसरों में प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया है।
जहानाबाद की रहने वाली नीट अभ्यर्थी छह जनवरी को यहां चित्रगुप्त नगर में शंभू बालिका छात्रावास में बेहोश हालत में मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
छात्रा के परिजनों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामले को दबाने की कोशिश किये जाने का दावा किया था। बाद में पुलिस ने छात्रावास के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था।
बुधवार को राज्य के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को भेजे गए दिशानिर्देशों के अनुसार, राज्य में संचालित प्रत्येक बालिका छात्रावास और ‘लॉज’ का पंजीकरण अनिवार्य होगा। दिशानिर्देश में कहा गया है कि हर थाना अपने क्षेत्र के सभी छात्रावासों का पूरा विवरण रखेगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जा सके। यह जिम्मेदारी बिहार पुलिस के महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है।
दिशानिर्देशों के मुताबिक, सभी बालिका छात्रावासों और ‘लॉज’ में 24 घंटे महिला वार्डन की उपस्थिति अनिवार्य होगी। वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मियों समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन भी जरूरी किया गया है। सुरक्षा के लिहाज से मुख्य द्वार, गलियारों, डाइनिंग एरिया और परिसर के अन्य हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे एवं रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी।
इसके अलावा, छात्रावासों में पर्याप्त रोशनी, स्वच्छता की उचित व्यवस्था, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल लगाया जाना जरूरी किया गया है। छात्रावास में आने हर आगंतुक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण आंगुतक पंजिका में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। छात्राओं के आवासीय हॉस्टल में पुरुषों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
दिशानिर्देश पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रही है तथा स्कूलों, कॉलेजों, कार्यस्थलों तथा आवासीय क्षेत्रों में महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन दिशानिर्देश को सख्ती से लागू किया जाएगा।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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