कैग रिपोर्ट में पीएम आवास योजना की ‘जियो-टैगिंग’ में विसंगतियां उजागर: राजद विधायक

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कैग रिपोर्ट में पीएम आवास योजना की ‘जियो-टैगिंग’ में विसंगतियां उजागर: राजद विधायक

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  • Publish Date - February 26, 2026 / 04:48 PM IST,
    Updated On - February 26, 2026 / 04:48 PM IST

पटना, 26 फरवरी (भाषा) बिहार विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश की गयी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक कुमार सर्वजीत ने आरोप लगाया कि समस्तीपुर और दरभंगा जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक ही दिन में ‘प्लिंथ’ स्तर से लेकर छत की ढलाई तक का निर्माण दर्शाया गया है, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट में आवास निर्माण के विभिन्न चरणों की ‘जियो-टैगिंग’ में गंभीर विसंगतियां पाई गई हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘आवाससॉफ्ट’ पोर्टल पर अपलोड की गई आवास निर्माण संबंधी तस्वीरों की लेखा-परीक्षा के दौरान नमूना जांच की गई। जांच में पाया गया कि ‘पूर्ण आवासों’ में से 10 मामलों में ‘प्लिंथ’ स्तर तक निर्माण दर्शाने वाली तस्वीरों के ठीक एक दिन बाद ही छत की ढलाई समेत पूर्ण निर्माण की तस्वीरें ली गईं और ‘आवाससॉफ्ट’ पर अपलोड कर दी गईं।

राजद विधायक ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार आवास को ‘प्लिंथ’ स्तर तक निर्मित दिखाए जाने के एक दिन बाद ही उसे पूर्ण प्रदर्शित किया गया, जो व्यवहारिक दृष्टि से संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि जिन तिथियों पर ‘आवाससॉफ्ट’ पर तस्वीरें अपलोड और जियो-टैग की गईं, वे आवास निर्माण के वास्तविक चरणों की तिथियों से भिन्न थीं।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार, जियो-टैगिंग के लिए तस्वीरों को स्वीकार करने से पूर्व निर्धारित जांच प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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