‘एनकाउंटर में जाति पूछनी चाहिए’: तेजस्वी के आरोप पर सम्राट चौधरी का तंज

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‘एनकाउंटर में जाति पूछनी चाहिए’: तेजस्वी के आरोप पर सम्राट चौधरी का तंज

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 09:23 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 09:23 PM IST

पटना, 22 मई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के ‘‘जाति देखकर एनकाउंटर’’ किए जाने के आरोप पर तंज कसते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि यदि पुलिस मुठभेड़ होती है तो उसमें ‘‘जाति भी पूछनी चाहिए’’।

मुख्यमंत्री ने पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पुलिस एनकाउंटर यदि होता है तो उसमें जाति भी पूछनी चाहिए। मैं तो पुलिस वालों से कहूंगा कि जाति पूछिए, जाति पूछकर ही गोली चलाइएगा, ऐसे गोली मत चलाइएगा।’’

सम्राट चौधरी की यह टिप्पणी तेजस्वी यादव के उस बयान के बाद आई है, जिसमें तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि बिहार में ‘‘जाति देखकर एनकाउंटर’’ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया गया है।

चौधरी ने तेजस्वी के इस आरोप को हास्यास्पद और सामान्य समझ से परे बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य बिहार में सुशासन स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस को खुली छूट दी गई है कि जो भी कानून को चुनौती दे, उसे 48 घंटे के भीतर जवाब दिया जाए।

उल्लेखनीय है कि राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल साबित हो रही है।

तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य में ‘‘जाति देखकर एनकाउंटर’’ किए जा रहे हैं।

इस बीच, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार पुलिस जाति के आधार पर मुठभेड़ नहीं करती है।

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस की कोई जाति नहीं होती और अपराधियों की भी कोई जाति नहीं होती। जो अपराधी पुलिस पर हमला करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उनकी जाति नहीं पूछी जाएगी।’’

भाषा

कैलाश राजकुमार रवि कांत