पटना, 29 सितंबर (भाषा) बिहार सरकार के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार ने सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस पर पिछड़े एवं अति पिछड़े समाज को ठगने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब भी दोनों दल सत्ता में रहे तो उन्होंने न इस समाज को अधिकार दिया और न सम्मान।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कुमार ने राजद के ‘कर्पूरी अतिपिछड़ा अधिकार सम्मेलन’ पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस कार्यक्रम में तेली, कानू, दांगी और चौरासिया जातियों के लिए प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि तेली समाज से राजद के वरिष्ठ नेता एवं ‘बिहार तैलिक साहू समाज’ के अध्यक्ष, विधायक रणविजय साहू और कानू समाज के नेता एवं राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता को इस कार्यक्रम से लौटा दिया गया।
उन्होंने कहा, “यही है उनका अतिपिछड़ा अधिकार मॉडल।’’
कुमार ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव आज ‘जननायक’ के नाम पर अतिपिछड़ा समाज का वोट लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनके पिता लालू प्रसाद यादव कर्पूरी ठाकुर का हमेशा अपमान करते रहे।
भाजपा नेता ने दावा किया, ‘‘लालू यादव ने कर्पूरी बाबू को ‘कपटी ठाकुर’ कहा था और उनके नाम पर एक भी ठोस काम नहीं किया, जबकि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया और पिछड़ा आयोग को संवैधानिक मान्यता दी।’’
कुमार ने कहा कि राजग सरकार बिहार का पहला कौशल विश्वविद्यालय कर्पूरी ठाकुर के नाम पर स्थापित कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘अतिपिछड़ा कल्याण बजट में 44 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 2022 में अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) आयोग का गठन हुआ। सभी जिलों में कर्पूरी ठाकुर छात्रावास स्थापित कर शिक्षा और छात्रवृत्ति की सुविधा दी गई।’’
कुमार ने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्षों से बिहार सरकार और 11 वर्षों से मोदी सरकार दृढ़ संकल्प के साथ पिछड़ा-अति पिछड़ा समाज को सशक्त कर रही है। महागठबंधन के चुनावी मेढ़क चुनाव आते ही पिछड़ा-अतिपिछड़ा समाज के कल्याण का राग अलापने लगते हैं।’’
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद केवल अपने पुत्र तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘राजद जब भी सत्ता में आती है, गैर-यादव को मुख्यमंत्री नहीं बनने देती, जबकि राजग की सरकार में सभी समाजों से मुख्यमंत्री बनने की संभावना रहती है।’’
कुमार ने कहा कि राजद ने अपने 15 साल के शासन में पंचायत और स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं कराए और पिछड़ा-अतिपिछड़ा, दलित और आदिवासी समाज को आरक्षण के लाभ से वंचित रखा।
भाजपा की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने नरेन्द्र मोदी के तौर पर देश को पहला ओबीसी प्रधानमंत्री दिया।
उन्होंने कहा,‘‘भाजपा ने मध्य प्रदेश और हरियाणा में ओबीसी तथा छत्तीसगढ़, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाज से मुख्यमंत्री दिए। देश के ओबीसी उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को भी भाजपा ने समर्थन दिया।’’
कुमार ने कहा कि भाजपा ने ओबीसी समाज को केवल नारों में नहीं, बल्कि नीतियों में दर्जा दिया है।
जातिगत जनगणना पर मोदी सरकार के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि एक मार्च 2027 से पूरे देश में जातिगत जनगणना शुरू होगी।
उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज कभी भी राजद को बिहार की सत्ता नहीं सौंपेगा।
भाषा कैलाश नोमान
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