पटना, 29 अगस्त (भाषा) नेपाल और बिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण शनिवार को राज्य में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पड़ोसी हिमालयी देश नेपाल में इस सप्ताह की शुरुआत में आई आकस्मिक बाढ़ के कारण पहले से ही यह नदियां उफान पर हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, गोपालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है; वाल्मीकिनगर में नदी पर बने बैराज से शनिवार रात आठ बजे लगभग 99,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
नेपाल में बर्फ की चट्टानों के खिसकने से बुधवार को अचानक आई बाढ़ के कारण, उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रशासन ने हिमालयी देश से बहकर आने वाली नदियों के निचले इलाकों में अपनी निगरानी बढ़ा दी है।
जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा, “गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान को छू रही हैं या उससे ऊपर बह रही हैं।”
जल संसाधन विभाग के बुलेटिन के अनुसार, खगड़िया, कटिहार और कुरसेला में कोसी और बूढ़ी गंडक नदियां खतरे के निशान तक पहुंच गई हैं, जबकि पटना में हाथीदह और गांधीघाट तथा भागलपुर में कहलगांव में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और संबंधित सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
अधिकारी ने कहा, “जिला मजिस्ट्रेटों को स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी और इंजीनियर भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, पश्चिमी चंपारण और अन्य जिलों में संवेदनशील जगहों पर डेरा डाले हुए हैं।”
भाषा प्रशांत माधव
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