Himachal Pradesh Exit Poll 2022
Himachal Pradesh Exit Poll 2022 : नई दिल्ली। इन्तहा हो गई, इंतज़ार की… इस गाने के बाले इस समय बिल्कुल सटीक बैठ रहे है। हिमाचल प्रदेश की जनता को सिर्फ इंतजार है तो 8 दिसंबर की। अब जनता ने घडी की सुईयां को देखना शुरू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में 68 सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। जो आने वाले दो दिन बाद खुलेगी। उम्मीदवारों की दिलों की धडकन तेज हो गई हैं। कुछ सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी बजती दिखाई दे रही है। ठंडे प्रदेश में नेताओं से लेकर नए उम्मीदवारों को अब गर्मी का एहसास होने लगा है। हिप्र की 68 सीटों पर जनता के किमते वोट बताएंगे कि प्रदेश का किंग मेकर कौन होगा। कहने को तो हिप्र ठंडा प्रदेश है लेकिन मतगणना के दिन शाम को स्थिति साफ हो जाएगी कि किसके खून में कितना दम है। भाजपा कांग्रेस ने तैयारियां और प्रचार में कोई कमी नहीं रखी।
Himachal Pradesh Exit Poll 2022 : अगर भाजपा की बात करें तो भाजपा से नेशनल अध्यक्ष जेपी नड्डा, पीएम मोदी, राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिप्र में हुंकार भरी थी। इन नेताओं ने प्रदेश की जनतो को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोडी। इनकी गर्जना कितनी तेज है यह तो आने वाली 8 दिसंबर की तारीख तय कर देगी। तो वहीं कांग्रेस की ओर से प्रदेश कांग्रेस की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली थी।
Himachal Pradesh Exit Poll 2022 : हिप्र में कांग्रेस की सत्ता को वापस लाना प्रियंका के लिए एक चुनौती हो सकती है। जो आने वाले लोकसभा चुनाव में काम में आएगी। राहुल गांधी इन दिनों भारत जोडो यात्रा में व्यस्त है तो बहन प्रियंका ने प्रदेश में चुनाव प्रचार से लेकर पार्टी की तमाम गतिविधियों पर नजर बनाके रखी। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या शेरनी प्रियंका की दहाड पहाडों और प्रदेश के गलियारों तक पहुंच पाती है या नहीं।
Himachal Pradesh Exit Poll 2022 : अगर हिमाचल प्रदेश के एक्जिट पोल की बात करें तो प्रदेश में 68 विस सीटों पर मतदान हुआ है। तो देखा जा रहा है कि बीजेपी को 24 से 34 के बीच सीटें मिल सकती है। तो वहीं कांग्रेस को 30 से 40 के बीच सीट मिलने का अनुमान है। और निर्दलीय के खाते में 4 से 8 तक सीट जा सकती है। वहीं आम आदमी पार्टी की बात करें तो आम आदमी पार्टी ने गुजरात में जितना जोर दिखाया है उतना जोर हिमाचल में नहीं देखने को मिला। सर्द हवाओं ने ‘आप’ के संजोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का मुख हिमाचल प्रदेश की ओर मोडा ही नहीं। जिसके ‘आप’ का खाता ही नहीं खुलने का अनुमान देखा जा रहा है।
सिरमौर के पच्छाद में गंगू राम मुसाफिर भाजपा और कांग्रेस की दोनों महिला नेत्रियों को टक्कर दे रहे हैं। पच्छाद में गंगूराम मुसाफिर का अपना बड़ा वोट बैंक है। उपचुनाव में कांग्रेस की टिकट पर गंगूराम मुसाफिर ने 19 हजार से ज्यादा मत हासिल किए थे। उस समय भी मुकाबला त्रिकोणीय रहा था और दयाल प्यारी अकेले 11 हजार मत ले गई थीं। पच्छाद में 78 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है। अर्की विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के खास रहे राजेंद्र ठाकुर कांग्रेस और भाजपा दोनों से ज्यादा चर्चा में रहे हैं। राजेंद्र ठाकुर को महिलाओं की धार्मिक यात्रा ने इस चुनाव में हीरो बना दिया था।
हालांकि मुकाबला इस सीट पर भी त्रिकोणीय ही है। राजेंद्र ठाकुर भाजपा के गोविंद राम शर्मा और कांग्रेस के संजय अवस्थी के लक्ष्य के बीच आकर खड़े हो गए हैं। अर्की में 75 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है। कांग्रेस इन दोनों सीटों पर संकट में घिरी है। नालागढ़ विधानसभा में केएल ठाकुर निर्दलीय चुनाव में थे। उन्होंने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। नालागढ़ में रिकॉर्ड 81.40 प्रतिशत मतदान हुआ है। केएल ठाकुर भाजपा को चोट पहुंचाने की स्थिति में हैं।