कश्मीरी पंडितों की हत्या-पलायन की जांच से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिए ये निर्देश

The petition for investigation of the killing and migration of Kashmiri Pandits Refused कश्मीरी पंडितों की हत्या और पलायन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नें सुनवाई करने से कर दिया है।

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  • Publish Date - September 19, 2022 / 12:56 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 12:43 AM IST

 Supreme Court Refused petition of Kashmiri Pandit Murder- migration   नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में कश्मीरी पंडितो के पलायन और हत्याओं  को लेकर एक याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था, सरकार द्वारा अधिकारिक रूप से ये जांच करवाऐ कि,  कितने कश्मीरी पंडितो ने आतंकियो के डर से कश्मीर छोड़ा, और कितने कश्मीरी पंडितो को आतंकियों ने मौत के घाट उतारा है। याचिका कर्ता आशुतोष टपलू खुद इस घटना के शिकार हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने याचिका कर्ता से याचिका वापस लेने की बात कही है।

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 याचिका कर्ता भी है घटना के शिकार 

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाले याचिका कर्ता खुद भी हत्या और पलायन के शिकार है। कश्मीर में उनके पिता को आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया था। जिसकी वजह से किसी तरह उन्होने पलायन किया था। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो आशुतोष का सिर्फ यही कहना है कि शासन घाटी में हुई हत्या और पलायन के बारे में जांच कराऐ ताकि उचित कार्रवाई की जा सके ।

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5400 शर्णार्थियों को सरकार दे रही मालिकाना हक

हाल ही जम्मू कश्मीर सरकार ने 5400 लोगो को जम्मू कश्मीर में मालिकाना हक देने जा रही है। हालाकि उन शर्णार्थियों को पाकिस्तान से आऐ 68 साल हो चुके हैं। लेकिन यहां पर भी यह सवाल खड़ा है जो पहले से कश्मीर के निवासी और कास्तकार रह चुके हैं लेकिन, आतंकियो की वजह से पलायन करना पड़ा है। उनके बारे में सुनवाई क्यों नही हो रही है। यह सारे सवाल सुप्रीम कोर्ट की याचिका रद्द करने के बाद उठाए गए हैं।

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