कृषि मंत्री चौहान 18 अगस्त को पूसा में ‘शक्ति की सप्तधारा’ की दिलाएंगे शपथ

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कृषि मंत्री चौहान 18 अगस्त को पूसा में ‘शक्ति की सप्तधारा’ की दिलाएंगे शपथ

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 02:33 PM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 02:33 PM IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 18 अगस्त को यहां पूसा परिसर में दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को ‘शक्ति की सप्तधारा’ के तहत शपथ दिलाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में इसका आह्वान किया था।

कृषि मंत्रालय ने सोमवार को बयान में कहा कि कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अधिकारी तथा कर्मचारी, किसानों, ‘लखपति दीदी’, निर्यातकों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ चौहान शपथ लेंगे।

‘लखपति दीदी’ सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक कमाने वाली महिलाएं हैं।

बैठक में विभागीय खाके, ‘लखपति दीदी’ योजना के विस्तार तथा किसानों और ग्रामीणों के कल्याण से जुड़े फैसलों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करना है।

चौहान ने कहा, ‘‘ शक्ति की सप्तधारा कृषि और ग्रामीण भारत के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत है। हम जन-केंद्रित कार्यक्रमों, पारदर्शी निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिये इसे आकार देंगे तथा किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं को सीधे लाभ सुनिश्चित करेंगे।’’

लाल किले से घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ के तहत कृषि एवं खाद्य उत्पादन को मजबूत करने, खाद्य प्रसंस्करण का विस्तार करने तथा किसानों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच बेहतर बनाने को प्राथमिकता दी गई है।

उर्वरक कीमतों के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के बावजूद सब्सिडी वाले उर्वरकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई थी।

उन्होंने कृषि तथा समुद्री उत्पादों के निर्यात के अवसर बढ़ाने की भी बात कही थी और उर्वरक तथा ईंधन के मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पिछले एक दशक में उठाए गए नीतिगत कदमों का उल्लेख किया था।

बैठक में ‘लखपति दीदी’ योजना पर भी विशेष रूप से चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित छह करोड़ के लक्ष्य में से तीन करोड़ ग्रामीण महिलाएं अब तक ‘लखपति दीदी’ का दर्जा हासिल कर चुकी हैं। चौहान योजना के विस्तार के लिए रूपरेखा पर चर्चा कर सकते हैं। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता दी जाती है।

भाषा निहारिका अजय

अजय