लखनऊ, 17 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी में 18 से 23 अगस्त तक होने वाले ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा लेंगे।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस सम्मेलन के जरिए राज्य सरकार की कोशिश जापानी कंपनियों की कारोबारी रुचि को निवेश, तकनीकी हस्तांतरण, संयुक्त परियोजनाओं और रोजगार सृजन में बदलने की है।
बयान के मुताबिक, जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी करेंगे। यह प्रतिनिधिमंडल विनिर्माण, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशेगा।
जापानी प्रतिनिधिमंडल का 18 अगस्त को नयी दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वागत करेंगे। ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा आयोजित इस सम्मेलन के दौरान दिल्ली के अलावा लखनऊ, आगरा, ग्रेटर नोएडा और वाराणसी में विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बयान के अनुसार, 19 अगस्त को नयी दिल्ली के ताज पैलेस में उच्चस्तरीय सीईओ गोलमेज बैठक और उद्घाटन सत्र होगा। इसमें रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।
सम्मेलन का मुख्य राज्य-स्तरीय सत्र 21 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होगा। इसमें सरकार-से-व्यवसाय (जी2बी) और व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) बैठकें होंगी, जिनमें जापानी निवेशक राज्य सरकार और भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ निवेश, साझेदारी और संभावित परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में जेट्रो, एस्कॉर्ट्स कुबोटा, कुबोटा कॉरपोरेशन जापान, तोशिबा इंडिया, मदरसन ग्रुप, होंडा ट्रेडिंग कॉरपोरेशन इंडिया, डायकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया, सुमितोमो कॉरपोरेशन इंडिया, स्पार्क मिंडा टोयो डेंसो और पैनासोनिक सहित जापानी उद्योग जगत की कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस दौरान एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र स्थित परियोजनाओं की ऑनलाइन आधारशिला रखी जाएगी। एस्कॉर्ट्स कुबोटा की सेक्टर-10 में 2,025 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है, जिससे 3,800 से अधिक रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
मिंडा कॉरपोरेशन की सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में दो परियोजनाओं में कुल 1,166 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इनसे करीब 6,440 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
दोनों कंपनियों की परियोजनाओं को मिलाकर कुल 3,191 करोड़ रुपये का निवेश और 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
बयान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार यीडा में 500 एकड़ में समर्पित जापानी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य जापानी कंपनियों के साथ उनके आपूर्तिकर्ताओं एवं सहायक उद्योगों के लिए एकीकृत औद्योगिक आधार तैयार करना है।
सम्मेलन में नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, हरित हाइड्रोजन, वाहन कलपुर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। कौशल विकास और उद्योग-शिक्षण संस्थान सहयोग को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा जापानी निवेशकों के समक्ष पर्यटन, आतिथ्य और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े अवसर रखे जाएंगे। वाराणसी, सारनाथ और कुशीनगर के बौद्ध सर्किट तथा आगरा में पर्यटन और स्मार्ट शहरी बुनियादी ढांचे की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
भाषा जफर
अमित प्रेम
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