इस वजह से नहीं मिल पाती थी ट्रेन यात्रियों को कंफर्म टिकट, चंगुल में फंसे रेलवे टिकट दलाल, जानें

आपने कभी ना कभी तो आईआरसीटी से आपने रेल की टिकट बुक करी होगी, और अधिक संभावना की वेटिंग में टिकट मिली हो। जिसके पीछे कारण पुलिस कर्मियों नें ढूड़ निकाल निकाला है।

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  • Publish Date - August 31, 2022 / 04:18 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:46 PM IST

नई दिल्‍ली। आपने कभी ना कभी तो आईआरसीटी से आपने रेल की टिकट बुक करी होगी, और अधिक संभावना की वेटिंग में टिकट मिली हो। जिसके पीछे कारण पुलिस कर्मियों नें ढूड़ निकाल निकाला है। मामला दराशल आम आदमी को भारतीय रेलवे का टिकट  बुक करने में औसतन दो मिनट का समय लगता है। कई बार इससे से ज्‍यादा समय लग जाता है, ऐसे में संबंधित ट्रेन की सभी कंफर्म टिकट बुक हो चुकी होती हैं। ये सब काम रेलवे टिकट के दलाल करते थे। इन्होनें सॉफ्टवेयर के माध्यम से एक साथ कई लोगो के लिए एक साथ टिकट बुकिंग के लगा रखते थे। फिलहाल रेलवे पुलिस द्वारा कुछ लोगो को पकड़ा है।

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इस देश से बन कर आते थे सॉफ्टवेयर

पकड़ाए दलालो से पता चला है कि एक आईडी में दो वर्चुअल यात्रियों वाले साफ्टवेयर का किराया 600 रुपये प्रतिमाह और 24 वर्चुअल वाले यात्रियों वाले साफ्टवेयर का किराया 10000 रुपये प्रति माह होता है। और सारे सॉफ्टवेयर रुस से बनवाए गए थे। कई सॉफ्टवेयर का सिर्फ सब्सक्रिप्सन लिया जाता था। क्यूंकि पेमेंट के समय करेंसी प्रॉब्लम की वजह से बड़ा अमाउंट ट्रांस्फर नहीं हो पाता था। रुस से भारत के कई दिग्गज कंपनियां भी डील करती हैं।

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कैसे लूट ले जाते थे सारी टिकट 

एक साधारण आदमी की बात करें तो उसको टिकट बुक करने के लिए या तो काउंटर पर या तो आई आर सी टी ऐप पर जाना पड़ता है। फिर स्टेप बाई स्टेप अपनी ट्रेन सर्च करके टिकट बुक करते हैं। इसमें पेमेंट वगैरा करते कराते लगभग 5-7 मिनट लग जाता है। लेकिन ये दलाल विदिन दो मिनट के अंदर आपकी टिकिट कंफर्म कर देते थे।

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