मंत्रिमंडल ने 33,660 करोड़ रुपये की ‘औद्योगिक विकास योजना’ को मंजूरी दी

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मंत्रिमंडल ने 33,660 करोड़ रुपये की 'औद्योगिक विकास योजना' को मंजूरी दी

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  • Publish Date - March 18, 2026 / 06:14 PM IST,
    Updated On - March 18, 2026 / 06:14 PM IST

नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को 33,660 करोड़ रुपये की ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (भव्य) को मंजूरी दी, जिसके तहत देशभर में 100 ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल से देश में विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित होगा और विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी।

‘भव्य’ योजना के तहत 100 एकड़ से लेकर 1,000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

‘प्लग-एंड-प्ले’ पार्क विकसित ढांचे वाले औद्योगिक क्षेत्र होते हैं जहां कंपनियां लंबी तैयारी के बगैर तुरंत ही उत्पादन या संचालन शुरू कर सकती हैं।

इन पार्कों में आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएं, पानी-निकासी, अवशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, किसी खास कंपनी की जरूरत के हिसाब से डिजाइन एवं तैयार ‘बिल्ट-टू-सूट’ इकाइयां, परीक्षण प्रयोगशालाएं, गोदाम और श्रमिकों के लिए आवास जैसी मूल्यवर्धित सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

वैष्णव ने कहा कि इन औद्योगिक पार्कों में बाहरी बुनियादी ढांचे के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक समर्थन दिया जाएगा, ताकि संपर्क सुविधा बेहतर हो सके।

इस योजना के तहत परियोजनाओं का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिये किया जाएगा, ताकि केवल निवेश के लिए तैयार एवं सुधारोन्मुख प्रस्तावों को ही आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता को आधार बनाते हुए ‘भव्य’ योजना को राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी में लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पहले से स्वीकृत भूमि, तैयार बुनियादी ढांचे और एकीकृत सेवाओं के साथ ‘भव्य’ योजना निवेशकों के लिए प्रवेश संबंधी बाधाओं को काफी हद तक कम करेगी।

इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। साथ ही, यह पहल एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण इकाइयों और वैश्विक निवेशकों को तैयार औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराकर निवेश को आकर्षित करेगी।

सरकार के मुताबिक, ये औद्योगिक पार्क ‘पीएम गतिशक्ति’ सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे, जिनमें हरित ऊर्जा, सतत संसाधन उपयोग और बहु-स्तरीय संपर्क सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

यह पहल क्लस्टर-आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ घरेलू आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को गति देने में भी मददगार होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय