नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2,585 करोड़ रुपये की लघु जलविद्युत विकास योजना को बुधवार को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य 1,500 मेगावाट की नवीकरणीय क्षमता के विकास को बढ़ावा देना है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘ लघु जलविद्युत विकास योजना को मंत्रिमंडल ने 2,585 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मंजूरी दी है।’’
मंत्री ने कहा कि यह देश के लिए पर्यावरण के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण निर्णय है। परियोजनाओं को बिना बांध बनाए और लोगों को विस्थापित किए बिना ‘रन-ऑफ-द-रिवर’ परियोजनाओं के रूप में विकसित किया जाएगा।
‘रन ऑफ द रिवर’ ऐसी जलविद्युत परियोजनाएं हैं, जो नदी के प्राकृतिक बहाव का उपयोग करके बिजली बनाती हैं। इनमें बड़े बांध या विशाल जलाशय की आवश्यकता नहीं होती।
वैष्णव ने कहा कि देश में 7,133 स्थलों पर कुल 21,000 मेगावाट क्षमता वाली लघु जलविद्युत परियोजनाओं की अपार संभावनाएं हैं। देश में 1,196 स्थलों पर वर्तमान में 5,100 मेगावाट की लघु जलविद्युत परियोजनाएं जारी हैं।
इन परियोजनाओं की क्षमता एक मेगावाट से 25 मेगावाट तक है। इन परियोजनाओं को 2030-31 तक पांच वर्ष के लिए लागू किया जाएगा।
इस योजना से लघु जलविद्युत परियोजनाओं में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।
भाषा निहारिका अजय
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