नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों को वित्त वर्ष 2026-27 में उद्योग में सात-आठ प्रतिशत की मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। कंपनियों का मानना है कि सरकार के बुनियादी ढांचा खर्च, आवास क्षेत्र की बढ़ती मांग और तेजी से हो रहे शहरीकरण से उद्योग को बड़ा समर्थन मिलेगा।
हालांकि, इसके साथ ही उद्योग ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ती ईंधन लागत निकट अवधि में चुनौती बनी हुई है।
अल्ट्राटेक सीमेंट, अंबुजा सीमेंट, श्री सीमेंट, डालमिया सीमेंट और नुवोको विस्टास जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने हालिया तिमाही नतीजों की घोषणा के दौरान मध्यम अवधि को लेकर सकारात्मक रुख जताया है। कंपनियां प्रीमियम सीमेंट उत्पादों और बेहतर बिक्री मूल्य के जरिये बढ़ती लागत के दबाव को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
इसके साथ ही सीमेंट कंपनियां चालू वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्च भी बढ़ा रही हैं। उनका मानना है कि सरकार की अवसंरचना परियोजनाओं और आवासीय मांग में तेजी से उद्योग को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
अल्ट्राटेक सीमेंट के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अतुल डागा ने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण ईंधन, ढुलाई और आयात आधारित आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल भी महंगे हो सकते हैं, जिससे लागत और बढ़ेगी।
सीमेंट कंपनियों के कुल परिचालन खर्च का लगभग 50-55 प्रतिशत हिस्सा बिजली, ईंधन और बिक्री लागत पर खर्च होता है।
हालांकि, डागा ने भरोसा जताया कि भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की कहानी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का निवेश, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तेजी से क्रियान्वयन, किफायती आवास योजनाएं और ग्रामीण मांग उद्योग को मजबूती देंगे।
उन्होंने कहा, “हम दो अंक की वृद्धि का लक्ष्य रख रहे हैं।” साथ ही उन्होंने आने वाले वर्षों में सीमेंट मांग में सालाना 7-8 प्रतिशत की स्थायी वृद्धि का अनुमान जताया।
वहीं, अंबुजा सीमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनोद बहेती ने चालू वित्त वर्ष में कंपनी की कुल बिक्री मात्रा लगभग आठ प्रतिशत बढ़कर आठ करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान जताया है।
बहेती के अनुसार, उद्योग स्तर पर वृद्धि दर लगभग 5-5.5 प्रतिशत रह सकती है क्योंकि महंगाई और कमजोर मानसून की आशंका चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने अदाणी समूह के सीमेंट कारोबार के लिए करीब आठ प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई।
अल्ट्राटेक ने कहा कि ज्यादातर भौगोलिक क्षेत्रों में तिमाही के दौरान ग्रे सीमेंट के दाम ढाई प्रतिशत मजबूत हुए है। प्रीमियम उत्पादों तथा बेहतर कारोबार मिश्रण से प्राप्ति अच्छी रही है।
डालमिया भारत के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पुनीत डालमिया ने कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष में प्रीमियम उत्पादों को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि ऊंची मात्रा और बेहतर प्राप्तियों की वजह से कंपनी का राजस्व सुधरा हे।
श्री सीमेंट के प्रबंध निदेशक नीरज अखौरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट और कमजोर मानसून की वजह से अस्थायी रूप से क्षेत्र की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
नुवोको विस्टास के प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णस्वामी ने भी भू-राजनीतिक अनिश्चितता, ईंधन की बढ़ती लागत, कच्चे माल पर बढ़ते खर्च खासकर पैकिंग सामग्री को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन कारणों से एक-दो तिमाहियों तक कंपनियों के मार्जिन पर दबाव रह सकता है।
भाषा अजय अजय
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