नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि प्रतिकूल मौसम की स्थितियों के कारण केंद्र ने राजधानी में गेहूं की खरीद के गुणवत्ता मानक में विशेष में छूट दी है जो इसी सत्र से लागू होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के मुताबिक, गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है और ऐसे में किसानों की परेशानी कम करने और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचने से बचाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने 21 अप्रैल को केंद्र से मानकों में छूट का अनुरोध किया था।
उन्होंने बताया कि अनुरोध पर विचार करते हुए, केंद्र ने रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2026-27 के लिए पूरी दिल्ली के सभी जिलों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी दी है, जो इस सत्र की शुरुआत से ही लागू होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “संशोधित व्यवस्था के तहत अब गेहूं में चमक की कमी को 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया जाएगा। साथ ही, सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को पहले के छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है ताकि मौसम से प्रभावित फसल भी खरीद के दायरे में आ सके।”
उन्होंने कहा कि हालांकि गुणवत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि टूटे और हल्के टूटे दाने मिलाकर छह प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छूट के तहत खरीदे गए गेहूं का अलग भंडारण किया जाएगा और उसका पूरा हिसाब-किताब अलग से रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि इस तरह के गेहूं को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इस्तेमाल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार खरीदे गए गेहूं का उपयोग केवल दिल्ली में ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भंडारण के दौरान इस गेहूं की गुणवत्ता में कोई गिरावट आती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ दिल्ली सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय किसानों को राहत देने, उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
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